शराब कारोबारी विजय माल्या ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि वह अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा उधार ली गई राशि का 100 प्रतिशत बैंकों को वापस करने के लिए तैयार हैं। माल्या ने कहा कि पैसे चुकाने के उनके बार-बार प्रस्ताव के बावजूद बैंक पैसे लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
माल्या की भारत में कथित रूप से करीब 9,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाश है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद उनकी सभी कंपनियों ने भारत में संचालन और विनिर्माण बंद कर दिया है।
माल्या ने ट्वीट किया, 'मैंने केएफए द्वारा बैंकों से उधार ली गई राशि का 100 प्रतिशत भुगतान करने के लिए बार-बार प्रस्ताव दिया है। न तो बैंक धनराशि लेने के लिए तैयार हैं और न ही ईडी अपने अटेचमेंट जारी करने के लिए तैयार है, जो उन्होंने बैंकों की तरफ से दायर किए हैं। मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री इस संकट के इस समय में (मेरी बात) सुनेंगी।'
आगे कहा, 'भारत सरकार ने पूरे देश को बंद करके जो किया, वह अकल्पनीय था। हम इसका सम्मान करते हैं। मेरी सभी कंपनियों ने प्रभावी ढंग से संचालन बंद कर दिया है। सभी विनिर्माण भी बंद हैं।'
माल्या ने सरकारी मदद मांगी और कहा कि हम कर्मचारियों को घर नहीं भेज रहे हैं और व्यर्थ लागत का भुगतान कर रहे हैं। सरकार को मदद करनी होगी।उसने लोगों से घर में रहने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की और कहा कि वह भी ऐसा ही कर रहे हैं।