देश के बैंकों का 9,000 करोड़ रूपया डकार कर बैठै विजय माल्या को प्रवर्तन निदेशायल ने नया नोटिस जारी किया है। ईडी ने नया नोटिस जारी करते हुए कहा है शराब व्यापारी विजय माल्या से 2 अप्रैल को जारी होने को कहा है। ईडी ने विजय माल्या को नोटिस जारी करते हुए कहा कि 'विजय माल्या खुद ईडी के सामने हाजिर हो। वो अपने वकील को नहीं भेज सकते हैं।
आपको बताते चले कि इससे पहले देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली ने साफ कर दिया था कि विजय माल्या से एक-एक पैसा वसूल किया जाएगा।
ऐसी भी खबरें आई हैं कि विजय माल्या ने बैंकों से मिले कर्ज को अवैध तरीके से विदेश भेजा है। विजय माल्या के बारे में प्रवर्तन निदेशालय के हाथ ऐसे कई सबूत आए हैं, जिससे यह जानकारी मिली है। इस मामले में ईडी ने कुछ अन्य एजेंसियों के साथ मिल कर छानबीन शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि इस मामले पर ईडी के निदेशक करनैल सिंह खुद नजर रख रहे हैं। विजय माल्या पर बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है और वे फिलहाल देश छोड़ कर लंदन चले गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारिक सूत्र का कहना है कि किसी बैंक से कर्ज ली गई राशि को किसी विदेशी खाते में में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। लेकिन विजय माल्या के मामले में ऐसा हुआ है।
पता चला है कि इस बारे में बैंकों को भी सूचित नहीं किया गया था, इसलिए उनके खिलाफ काले धन को सफेद बनाने के कानून (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी जांच कर रहा है और उसने बैंक लोन से जुड़ी कुछ फाइलों को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया है।
निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक इस मामले पर संगठन के निदेशक करनैल सिंह खुद नजर रख रहे हैं। बीते रविवार को इसी सिलसिले में उन्होंने गृह मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ लोगों से मुलाकात की है। वे आगामी 17 मार्च को मुंबई जाने वाले हैं ताकि माल्या से जुड़े कागजातों का खुद निरीक्षण कर सकें।
लंबे समय से बंद पड़ी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन्स को आईडीबीआई बैंक से मिले 900 करोड़ रुपये से जुडे़ कथित मनी लांडरिंग के आरोपों की जांच के संबंध में ईडी इस एयरलाइन्स के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथ को तलब कर चुका है।
इसने आईडीबीआई बैंक और विजय माल्या के स्वामित्व वाली कंपनी के कुछ अधिकारियों को भी जांच के सिलसिले में तलब किया है। इनसे पिछले पांच साल का आयकर रिटर्न और व्यक्तिगत संपत्ति का ब्यौरा सौंपने को भी कहा गया है। सूत्रों के मुताबिक रघुनाथन ने किंगफिशर की बदहाल वित्तीय हालत के लिए माल्या को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि वह उनके अधीन काम करते थे, इसलिए कुछ नहीं कर सके।