भारत के लिए भगौड़े विजय माल्या को वापस लाना अभी भी किसी सपने से कम नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अभी भी माल्या को ब्रिटेन से भारत लाने में कम से कम 6 से 12 महीने का समय लग सकता है।
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इंडिया टुडे की खबर के अनुसार भारत सरकार और जांच एजेंसियों के लिए माल्या को वापस लाने का रास्ता आसान नहीं होगा। अभी इस मामले में ब्रिटेन की स्थाई अदालतों में एक दर्जन से अधिक सुनवाई होगी। इसके अलावा वहां के उच्च न्यायालय में भी विजय माल्या के मामले को हस्तांतरित किया जा सकता है।
गौरतलब है कि विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही जमानत मिल चुकी है। माल्या की गिरफ्तारी के बाद ही ये कयास लगाये जा रहे थे कि जल्द की उसका प्रत्यार्पण हो सकता है। लेकिन फिलहाल माल्या के प्रत्यर्पण में दिक्कतें कुछ कम नहीं हैं।
सीबीआई के प्रवक्ता आर के गौरव ने कहा कि हमारी तरफ से प्रत्यर्पण के प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन अभी ये तय नहीं किया गया है कि हमें इसके लिए लंदन जाना चाहिए या भारत की तरफ से चल रही प्रत्यर्पण प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहिए।
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एक अधिकारी के अनुसार भारत द्वारा लंदन भेजे जाने वाली विशेष टीम में सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय के अलावा केंद्र सरकार के अधिकारी को भी भेजा जा सकता है। हालांकि टीम का नेतृत्व सीबीआई ही करेगी।
विजय माल्या 17 मई को प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई में भाग लेंगे। इससे पहले ही विशेष टीम को भारत से रवाना कर दिया जाएगा।