तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल से जुड़े गठबंधन ने बुधवार को अपनी राजनीतिक पहचान को नया नाम दे दिया। मुख्यमंत्री और टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय की अगुवाई में हुई सहयोगी दलों की बैठक में गठबंधन का नाम रखा गया। बैठक के बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में एक नया गठबंधन तैयार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन में राज्य के अधिकारों के लिए लड़ने वाले सभी दलों को साथ लाया गया है।
बैठक के बाद मणिकम टैगोर ने बताया कि गठबंधन को 'सेक्युलर, सोशल जस्टिस, विक्ट्री फ्रंट' नाम दिया गया है। उनके मुताबिक नाम में ही इस गठबंधन के मूल विचार और राजनीतिक एजेंडे की झलक मिलती है। टैगोर ने कहा कि राज्य के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले सभी दल इस गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में गठित नया राजनीतिक मोर्चा बताया।
टीएनसीसी अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर ने स्पष्ट किया कि नया गठबंधन आगामी उपचुनावों में भी मैदान में उतरेगा। हालांकि, बयान में उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों या सीटों को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। गठबंधन के औपचारिक नामकरण के बाद अब तमिलनाडु की राजनीति में इसके विस्तार और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज होने की संभावना है।
बुधवार की बैठक को गठबंधन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बैठक में सहयोगी दलों ने मुख्यमंत्री और टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में आगे बढ़ने पर जोर दिया। गठबंधन के नाम में 'सेक्युलर' और 'सोशल जस्टिस' जैसे मुद्दों को प्रमुखता दिए जाने से इसके राजनीतिक एजेंडे का संकेत भी मिलता है। टैगोर ने कहा कि राज्य के हित और अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले दल इस मंच के साथ हैं।
बुधवार की बैठक के लिए टीवीके के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों आनंद, आधव अर्जुना और निर्मल कुमार ने सभी सहयोगी दलों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। हालांकि, सीपीआई और सीपीआई-एम ने पहले ही बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी थी।
बैठक में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर, सांसद प्रवीण चक्रवर्ती और कांग्रेस विधायक दल की नेता थरहाई कथबर्ट, एमडीएमके महासचिव वाइको और सांसद दुरई वाइको, आईयूएमएल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम. कादर मोहिदीन और मंत्री शाहजहां, तथा वीसीके अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन, सांसद रविकुमार और सिंधनै सेल्वन समेत कई नेता मौजूद रहे।
बैठक में गठबंधन दलों के बीच समन्वय और परामर्श की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। गठबंधन ने कहा कि नया नाम उसके साझा वैचारिक एजेंडे- धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और सुशासन को दर्शाता है तथा भविष्य के चुनावों और जन अभियानों में उसे एक अलग राजनीतिक पहचान देगा।