Vijay Diwas 2025: 1971 के मुक्ति संग्राम में पाकिस्तान पर मिली ऐतिहासिक जीत और बांग्लादेश की आजादी की याद में हर साल 16 दिसंबर को भारतीय सेना विजय दिवस के रूप में मनाती है। कोलकाता में पूर्वी कमान द्वारा होने वाले समारोह में हर साल बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेता रहा है और यह परंपरा दशकों से चली आ रही है।
भारतीय सेना का पूर्वी कमान 15 और 16 दिसंबर को 54वां विजय दिवस मनाने जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए बांग्लादेश एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कोलकाता भेज रहा है। यह जानकारी रविवार को यहां पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मेजर जनरल जनरल स्टाफ (एमजीजीएस), पूर्वी कमान मेजर जनरल वांगुरु रघु ने दी।
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मेजर जनरल ने बताया कि बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल 14 दिसंबर को कोलकाता पहुंचेगा और 15-16 दिसंबर को विजय दिवस समारोह में हिस्सा लेगा। इसमें आठ मुक्ति योद्धा शामिल होंगे और बांग्लादेश के दो सेवारत सैन्य अधिकारी भी होंगे। प्रतिनिधिमंडल में बाकी परिवार के सदस्य होंगे।
बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद यह दूसरी बार है जब पड़ोसी देश का कोई प्रतिनिधिमंडल इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की यात्रा करेगा। मेजर जनरल रघु ने कहा कि हमारे दोनों देशों के बीच गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध है। हमारी रक्षा बलों ने पिछले कुछ वर्षों में कई संयुक्त अभ्यासों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं।
विजय दिवस पर कोलकाता में कई कार्यक्रम आयोजित करेगी सेना
मेजर जनरल रघु ने पत्रकारों को बताया कि हर साल की तरह इस बार भी विजय दिवस पर पूर्वी कमान द्वारा कोलकाता में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है। इसी युद्ध के बाद बांग्लादेश का जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि समारोह के पहले दिन 15 दिसंबर को कोलकाता के आरसीटीसी मैदान में भव्य मिलिट्री टैटू का आयोजन होगा, जिसमें सैनिक हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे।
16 दिसंबर की सुबह में विजय स्मारक पर भव्य पुष्पांजलि समारोह में 1971 युद्ध के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। पुष्पांजलि समारोह में बंगाल के राज्यपाल डा सीवी आनंद बोस भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में 1971 युद्ध में भाग लेने वाले सशस्त्र बलों के दिग्गज भी शामिल होंगे।