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West Bengal: 'बंगाल बदलाव और धार्मिक अहंकार खत्म करने को तैयार', मुर्शिदाबाद विवाद के बीच बोले राज्यपाल बोस

Sun, 07 Dec 2025 11:28 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की आधारशिला और हुमायूं कबीर के बयान पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने  कहा कि बंगाल धार्मिक अहंकार और भ्रष्टाचार खत्म करने को तैयार है। कोलकाता के गीता पाठ कार्यक्रम में उन्होंने राज्य की दुखद स्थिति पर चिंता जताई।

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद और निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बड़ा बयान दिया है। रविवार को उन्होंने कहा कि राज्य अब धार्मिक अहंकार और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह बात कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम के दौरान कही। राज्यपाल ने अपने भाषण में राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बंगाल एक दुखद दौर से गुजर रहा है, लेकिन अब बदलाव के लिए तैयार है।

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बता दें कि राज्यपाल के बयान ऐसे समय में आए जब एक दिन पहले मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनने वाली एक मस्जिद की आधारशिला रखी थी। यह कदम उस समय लिया गया जब सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कहा था कि किसी भी नई मस्जिद का नाम ‘बाबरी मस्जिद’ नहीं रखा जाना चाहिए।

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गीता के श्लोक का किया उल्लेख
कार्यक्रम में राज्यपाल बोस ने भगवद गीता का प्रसिद्ध श्लोक पढ़ा कि 'परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम् धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे'। इस श्लोक की अर्थ बताते हुए बोस ने कहा कि यह संदेश बताता है कि धर्म की रक्षा और अन्याय के नाश के लिए समय-समय पर नई शुरुआत होती है।

भाषा विवाद को लेकर क्या बोले राज्यपाल?
इतना ही नहीं कार्यक्रम में राज्यपाल बोस ने पश्चिम बंगाल में चल रहे भाषा विवाद को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी हमारी मातृभाषा नहीं, बल्कि ‘दाई मां’ की तरह है। यानी, अंग्रेजी मददगार भाषा है, लेकिन अपनी मातृभाषा का स्थान नहीं ले सकती। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि वे अपना भाषण हिंदी में ही देंगे।
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स्वामी विवेकानंद को किया याद
इसके साथ ही अपने भाषण के दौरान राज्यपाल बोस ने 'नरेंद्र' का उल्लेख करते हुए स्वामी विवेकानंद (नरेंद्रनाथ दत्ता) को याद किया, जिन्होंने दुनिया को भारतीय आध्यात्मिकता और हिंदू दर्शन से परिचित कराया था। गौरतलब है कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम ‘पंच लाखो कंठे गीता पाठ’ था, जिसमें लगभग पाच लाख लोगों द्वारा एक साथ गीता पाठ करने का लक्ष्य रखा गया था। यह कार्यक्रम सनातन संस्कृति से जुड़े साधु-संतों और कई धार्मिक संस्थानों के सहयोग से आयोजित किया गया।

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