पांचों राज्यों के उम्मीदवारों के लिए आज रतजगा है। शायद ही किसी की आंखों में नींद होगी। ऐसे हजारों उम्मीदवारों में से एक नजर इन राज्यों के दिग्गजों पर डालते हैं। क्योंकि इन सुपरहिट मुकाबलों पर होंगी सबकी निगाहें।
मध्यप्रदेश में ये हैं दिग्गज उम्मीदवार
बुधनी में शिवराज सिंह चौहान बनाम अरुण यादव
ये विधानसभा सीट शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। लेकिन इस बार उनके बेटे और पत्नी को प्रचार के दौरान यहां थोड़ी मुश्किल पेश आई। उधर, अरुण यादव के तौर पर कांग्रेस ने तुरुप का पत्ता चल दिया है। ऐसे में एक दिलचस्प मुकाबले का उतना ही दिलचस्प नतीजा आए तो ताज्जुब नहीं होगा।
कृष्णा गौर
भोपाल की गोविंदपुरा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री और कई बार विधानसभा पहुंच चुके भाजपाई दिग्गज बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर पर भी निगाहें टिकी होंगी।
आरिफ अकील
भोपाल उत्तर से बीते 4 बार से लगातार जीत का स्वाद चख रहे कांग्रेस के आरिफ अकील के लिए इस बार राह इतनी आसान नहीं लगती। फातिमा रसूल सिद्दीकी हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई हैं और पार्टी की इकलौती मुस्लिम उम्मीदवार हैं।
आकाश विजयवर्गीय
आकाश विजयवर्गीय के कंधों पर विरासत का बोझ होगा। वो भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं और इंदौर-3 से चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने हैं कांग्रेस के अश्विन जोशी।
इनके अलावा शिवपुरी से यशोधरा राजे सिंधिा, घट्टिया से अजीत बौरासी, सांची से मुदित शेजवार, रामपुर बघेलान से विक्रम सिंह और बड़वानी से रमेश पटेल की किस्मत भी ईवीएम के तालों से बाहर निकलकर सबके सामने आ जाएगी।
राजस्थान में इन सीटों पर है कड़ा मुकाबला
झालरापाटन में वसुंधरा बनाम मानवेंद्र
प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, झालावाड़ की झालरापाटन सीट से 2003 से विधायक हैं। पिछला चुनाव उन्होंने 60 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीता था। वहीं, भाजपा नेता और पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस ने झालरापाटन से उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की नजर इलाके के राजपूत मतदाताओं को साधने की है।
सरदारपुरा में गहलोत बनाम शंभू सिंह
जोधपुर जिले की सरदारपुरा सीट पर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के सामने भाजपा ने शंभू सिंह खेतासर को उतारा है। माना जाता है कि गहलोत को माली समाज के एकमुश्त वोट मिलते हैं। वह यहां से पांचवी बार ताल ठोक रहे हैं।
टोंक में सचिन पायलट बनाम यूनुस खान
कांग्रेस की अगुवाई कर रहे सचिन पायलट के लिए टोंक की सीट नई है। वह पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। पायलट अजमेर और दौसा सीट से सांसद रह चुके हैं। टोंक के नवाब ने भी उन्हें अपना समर्थन दिया है। भाजपा ने पायलट के खिलाफ अपने एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार और सूबे के परिवहन मंत्री यूनुस खान को उतारा है। भाजपा ने पहले मौजूदा विधायक अजीत सिंह मेहता को यहां से टिकट दिया था मगर बाद में उम्मीदवार बदल दिया।
उदयपुर में गिरिजा व्यास बनाम गुलाबचंद कटारिया
कांग्रेस ने उदयपुर सीट से महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष गिरिजा व्यास को उतारा है। उनका मुकाबला प्रदेश के गृहमंत्री और भाजपा के उम्मीदवार गुलाबचंद कटारिया से है। दिलचस्प बात ये है कि गिरिजा व्यास, कटारिया को लोकसभा चुनाव में पटखनी दे चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ में इन दिग्गजों का क्या होगा?
राजनांदगांव में बड़ी लड़ाई मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और कभी भाजपा में रही करुणा शुक्ला के बीच है। रमन सिंह जहां तीन बार के मुख्यमंत्री हैं वहीं एंटी-इनकंबेंसी उनके खिलाफ जा सकती है।
इसके अलावा बिलासपुर से अमर अग्रवाल, रायपुर दक्षिण से बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम से राजेश मूणत, प्रतापपुर से रामसेवक पैकरा, बैकुंठपुर से भैयालाल राजवाड़े, मुंगेली से पुन्नूलाल मोहिले, भिलाई नगर से प्रेम प्रकाश पांडेय, कुरूद से अजय चंद्राकर, नवागढ़ से दयालदास बघेल, पाटन से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल अंबिकापुर से नेता विपक्ष टीएस सिंहदेव, दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू और सक्ती से पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत ताल ठोक रहे हैं।
नवनिर्मित छत्तीसगढ़ जन कांग्रेस के अजीत जोगी मरवाही सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनकी पत्नी रेनू जोगी कोटा से और बहू रिचा जोगी अकलतरा से बीएसपी के टिकट पर लड़ रही हैं।
तेलंगाना में इन पर रखनी होगी नजर
तेलंगाना में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के चेहरे पर एग्जिट पोल के बाद मुस्कुराहट जरूर आ गई होगी। सभी पोल में टीआरएस को विजेता दिखाया गया है। तेलंगाना में केसीआर के अलावा उन्हीं की सीट गजवेल से कांग्रेस के वीपी रेड्डी, सीधीपेट से टीआरएस के हरीश राव, भाजपा के नरोत्तम रेड्डी और हैदराबाद की चंद्रायनगुट्टा से एआईएमआईएम के अकबरुद्दीन ओवैसी जैसे दिग्गज मैदान में हैं।
मिजोरम में क्या होगा?
मिजोरम में मुख्यमंत्री और कांग्रेस उम्मीदवार ललथनहवला के अलावा जोराम थांगा पर भी निगाह रखनी होगी।