राज्यसभा के बाहर थर्मल स्क्रीनिंग कराते उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि कोरोना महामारी के कारण अब सबका जीवन पहले जैसा नहीं रहेगा। महामारी से मिले सबक के आधार पर मनुष्य को प्रकृति के साथ तालमेल बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवन शैली में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाए जाने के एक दिन बाद, नायडू ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में तनाव और चिंता को छोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। नायडू ने कहा कि जीवन को अलग-थलग रहकर नहीं जिया जा सकता है और वायरस ने हमारे जीवन की कमियों को उजागर कर दिया है। कोरोना से पहले के जीवन का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोग खुशी और भौतिक उन्नति की तलाश में अकेले हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह इसका भी संकेत है कि सह-अस्तित्व के बीच ही सबका जीवन संभव है।