मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हमारा देश वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा में विश्वास करता है। इसलिए हम न केवल एक-दूसरे की भाषा और संस्कृति का सम्मान करते हैं, बल्कि इसे आत्मसात करते और इसे जीते हैं। उन्होंने यूनेस्को की तरफ से जारी लुप्तप्राय भाषाओं की सूची में भारत की 196 भाषाओं की मौजूदगी को चिंता का विषय बताया।
साथ ही विलुप्त होती भाषाएं और बोलियों को आगे बढ़ाने पर काम करने की जरूरत बताई। वहीं, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने मातृभाषा को विशेष रूप से प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण के माध्यम के रूप में प्राथमिकता दिए जाने की अपील की।
उधर केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमें सभी भाषाओं पर गर्व है, लेकिन व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में निस्संदेह मातृभाषा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।