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नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति नायडू बोलें-  गंभीर और सार्थक पत्रकारिता के लिए आजादी आवश्यक शर्त

Fri, 17 Dec 2021 11:20 PM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उपराष्ट्रपति नायडू ने मीडिया से संसद की रिपोर्टिंग करते वक्त सिर्फ अशांति और व्यवधान को उजागर कर सनसनी पैदा करने के बजाय नियमित सांसद पहुंचने और बहस में हिस्सा लेने वाले सांसदों के अच्छे प्रदर्शनों को पाठकों तक पहुंचाने की अपील की।
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Vice President M. Venkaiah Naidu - फोटो : ANI
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विस्तार
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा, गंभीर एवं सार्थक पत्रकारिता के लिए आजादी आवश्यक शर्त है। मीडिया को बिना किसी डर या पक्षपात के काम करना चाहिए। नायडू ‘केरालीयम वीके माधवन कुट्टी पुरस्कार-2020’ के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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नायडू ने इस मौके पर मीडिया से दलितों और शक्तिहीनों के अधिकारों की हिफाजत और भ्रष्टाचार को उजागर करने में सक्रियता दिखाने की अपील की। पत्रकारिता को नागरिकों की तीसरी आंख बताते हुए नायडू ने कहा, इसे सबूतों, तथ्यों और व्यावहारिक शोध के साथ सरकार के कार्यों की रचनात्मक रूप से आलोचना करनी चाहिए। खोजी पत्रकारिता जब पक्षपात और पूर्वाग्रहों से मुक्त होगी तभी मीडिया चौथे स्तंभ के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को कायम रख सकता है। 

नायडू ने मीडिया से संसद की रिपोर्टिंग करते वक्त सिर्फ अशांति और व्यवधान को उजागर कर सनसनी पैदा करने के बजाय नियमित सांसद पहुंचने और बहस में हिस्सा लेने वाले सांसदों के अच्छे प्रदर्शनों को पाठकों तक पहुंचाने की अपील की। स्वायत्तता व  तटस्थता को समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए नायडू ने कहा, कोई मीडिया संस्थान अगर स्वायत्त नहीं रहेगा तो वह निश्चित अपने पाठकों या दर्शकों को गंवा देगा।

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