निर्वाचन आयोग (ईसी) ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में जीत हासिल करने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ के निर्वाचन संबंधी प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त(ईसी) अनूप चंद्र पांडेय ने इस प्रमाण पत्र पर संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। इसके बाद यह प्रमाण पत्र केंद्रीय गृह सचिव को भेजा जाएगा, जो इसे भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में पढ़ेंगे।
जगदीप धनखड़ ने 528 वोटों के साथ जीत हासिल की थी
बता दें कि एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ देश के अगले उपराष्ट्रपति होंगे। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी मार्गरेट अल्वा को चुनाव में हरा दिया है। धनखड़ 11 अगस्त को शपथ लेंगे। बता दें कि शनिवार सुबह हुई वोटिंग में राज्यसभा और लोकसभा के कुल 725 सांसदों ने वोट डाला था। टीएमसी ने पहले ही एलान कर दिया था कि उनके सांसद वोट नहीं डालेंगे। इस तरह से कुल 725 सांसदों ने वोट डाला। 15 वोट रद्द कर दिए गए। कुल 710 वैध वोटों में 528 वोट जगदीप धनखड़ को मिले, वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को केवल 182 वोट मिले।
जानें धनखड़ के बचपन, पढ़ाई से लेकर राजनीतिक सफर तक
जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझनू जिले के किठाना के किसान परिवार में हुआ था। पिता का नाम गोकल चंद और मां का नाम केसरी देवी है। जगदीप जाट समुदाय से आते हैं। चार भाई-बहनों में वह दूसरे नंबर पर हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव किठाना के ही सरकारी माध्यमिक विद्यालय से हुई। गांव से पांचवीं तक की पढ़ाई के बाद उनका दाखिला गरधाना के सरकारी मिडिल स्कूल में हुआ। इसके बाद उन्होंने चित्तौड़गढ़ के सैनिक स्कूल में भी पढ़ाई की।
12वीं के बाद उन्होंने भौतिकी में स्नातक किया। इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की। 12वीं के बाद धनखड़ का चयन आईआईटी और फिर एनडीए के लिए भी हुआ था, लेकिन नहीं गए। स्नातक के बाद उन्होंने देश की सबसे बड़ी सिविल सर्विसेज परीक्षा भी पास कर ली थी। हालांकि, आईएएस बनने की बजाय उन्होंने वकालत का पेशा चुना। उन्होंने अपनी वकालत की शुरुआत भी राजस्थान हाईकोर्ट से की थी। वे राजस्थान बार काउसिंल के चेयरमैन भी रहे थे।