चीन के साथ ट्रांजिट ट्रीटी समेत दस समझौते करने पर भारत ने नेपाल को आडे़ हाथों लिया है। भारत ने कहा है कि नेपाल के साथ जो खास रिश्ता है उसकी जगह कोई और देश नहीं ले सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘नेपाल जमीन से घिरा देश है।
नेपाल विकल्पों को चुनने के लिए स्वतंत्र है मगर कोई देश नेपाल के भारत के साथ रिश्तों की जगह नहीं ले सकता है। क्योंकि यह रिश्ता भौगोलिक के साथ-साथ एक दूसरे के लोगों के आपसी संपर्कों पर आधारित है।’ उन्होंने कहा कि नेपाल का भारत के साथ पुराना रिश्ता है।
उसकी सीमाएं, साझा इतिहास, भूगोल और लोगों के आपसी संपर्क, सुरक्षा और आर्थिक रिश्ते भारत से जुडे़ हुए हैं। विकास स्वरूप ने कहा कि नेपाल की दो-तिहाई कारोबार भारत से जुड़ा हुआ है और लाखों नेपाली भारत में रहते या फिर काम करते हैं। उल्लेखनीय है कि नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली जब भारत आए थे तो उन्होंने कहा था कि नेपाल कभी भारत या चीन कार्ड नहीं खेलेगा। ओली इस वक्त चीन के दौरे पर हैं।