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विहिप की मांग: गीता को मिले राष्ट्रीय पुस्तक का दर्जा, शिक्षा के हर स्तर पर अनिवार्य हो पठन-पाठन

Thu, 30 Sep 2021 10:23 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विश्व हिंदू परिषद ने गीता को राष्ट्रीय पुस्तक घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही गीता को शिक्षा व्यवस्था में हर स्तर पर अनिवार्य करने की मांग भी की गई है। परिषद इसे लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी कर रहा है। 
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श्रीमद्भगवद्गीता - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गुरुवार को मांग की कि 'भगवद गीता' को राष्ट्रीय पुस्तक घोषित किया जाए। इसके साथ ही परिषद ने यह मांग भी की कि नैतिक मूल्यों को बचाने के लिए पूरे देश में शिक्षा के हर स्तर पर इसका पठन-पाठन अनिवार्य किया जाए। विहिप ने कहा कि नैतिक मूल्यों का लगातार पतन हो रहा है और देश के नौकरशाहों के बीच मूल्यों और कर्तव्य की मजबूत भावना को बढ़ावा देने के लिए सरकारी संस्थानों में गीता को पढ़ने के लिए कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित करवाए जाने चाहिए।

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ये बातें विहिप के राष्ट्रीय सचिव आचार्य राधाकृष्ण मनोदी ने एक प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने कहा, 'ऐसा हमारी गलत शिक्षा व्यवस्था के कारण है। हम मांग करते हैं कि सरकार पूरे देश में शिक्षा के हर स्तर पर श्रीमद्भगवद्गीता के पठन-पाठन को अनिवार्य बनाए। इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षकों को भी गीता का अध्ययन कराया जाना चाहिए। सभी 18 अध्यायों के पठन-पाठन को शिक्षकों के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

मुस्लिम और ईसाई शिक्षकों के लिए भी हो अनिवार्य 
विहिप के विश्व गीता संस्थान के अध्यक्ष मनोदी ने कहा, 'उन सभी लोगों के लिए गीता का अध्ययन अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए जो शिक्षकों की शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। भारत में मुस्लिम और ईसाई समुदायों के शिक्षकों सहित सभी शिक्षकों के लिए गीता का अध्ययन अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।' उन्होंने कहा कि ऐसा करने से शिक्षकों में नैतिक मूल्य मजबूत होंगे और वह इस योग्य बन पाएंगे कि अपने छात्रों को भी उसी पथ पर अग्रसर कर सकें और उनमें कर्तव्य की भावना को जगा सकें।
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को सौपेंगे ज्ञापन
उन्होंने कहा, गीता के अध्ययन को प्रोत्साहन देकर देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को बचाया जा सकता है, समाज में भेदभाव को समाप्त किया जा सकता है और भारत को कहीं अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। हम मांग करते हैं कि गीता को भारत की राष्ट्रीय पुस्तक का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विहिप का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पास अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपेगा।

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