1971 में अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म परवाना से बड़े पर्दे पर कॅरिअर की शुरुआत करने वाले गोखले की आखिरी बड़ी फिल्म मिशन मंगल थी। इसके अलावा पिछले वर्ष वे मराठी फिल्म गोदावरी में भी नजर आए थे। इस बीच उन्होंने कई टीवी सीरियलों में काम किया।
दिग्गज अभिनेता विक्रम गोखले (77) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया है। उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर पुणे के बाल गंधर्व रंगमंदिर में रखा गया था, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार वैकुंठ श्मशान भूमि में हुआ।
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100 से अधिक हिंदी-मराठी फिल्मों, दर्जनों टीवी धरावाहिकों में अदाकारी का जलवा बिखेरने वाले विक्रम ने भूल-भुलैया जैसी कॉमेडी फिल्म के जरिये गुदगुदाया, अनुमति के किरदार से रुलाया तो अग्निपथ में कमिश्नर गायतोंडे बनकर दर्शकों को थर्राया। चार नवंबर, 1945 को पुणे में जन्मे गोखले उस खानदान से ताल्लुक रखते हैं, जो तीन पीढ़ियों से भारतीय सिनेमा को अपने कला-कौशल से सींच रहा है। उनके पिता चंद्रकांत गोखले मशहूर रंगकर्मी थे। दादी कमलाबाई गोखले देश की पहली महिला बाल कलाकार रहीं। कमलाबाई की मां दुर्गाबाई कामत देश की पहली महिला अभिनेत्री थीं। कुछ दिन पहले विक्रम के निधन की अफवाह उड़ी थी। हालांकि, उनकी बेटी ने उन खबरों का खंडन किया था।
अमिताभ के साथ की थी पहली हिंदी फिल्म
1971 में अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म परवाना से बड़े पर्दे पर कॅरिअर की शुरुआत करने वाले गोखले की आखिरी बड़ी फिल्म मिशन मंगल थी। इसके अलावा पिछले वर्ष वे मराठी फिल्म गोदावरी में भी नजर आए थे। इस बीच उन्होंने कई टीवी सीरियलों में काम किया।
मराठी फिल्म अनुमति के लिए 2013 में श्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
2012 में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।
1999 में संजय लीला भंसाली की हम दिल दे चुके सनम में ऐश्वर्या राय के पिता का किरदार निभाया।