नए साल के मौके पर देशवासियों के लिए वैक्सीन के मोर्चे पर राहत की खबर है। एक जनवरी को एक्सपर्ट कमिटी की बैठक हुई, जिसमें ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को आपातकाल मंजूरी दे दी गई है और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड को पैनल से मंजूरी के लिए सिफारिश मिल गई है। हालांकि इस पर आखिरी फैसला डीसीजीआई की ओर से लिया जाएगा।
अगर कोविशील्ड को भी जल्द इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी मिल जाएगी, तो देश में लोगों को वैक्सीन लगाने में कम दिक्कत होगी। आइए वैक्सीन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाबों पर नजर डालते हैं और वैक्सीन बनाने से लेकर उसके लगने तक के गणित को समझते हैं।
1. क्या वैक्सीन सभी को एक साथ दी जाएगी?
सबसे पहले वैक्सीन ज्यादा जोखिम उठाने वाले लोगों को दी जाएगी, जिसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स, मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इसके बाद 50 की उम्र से ऊपर के लोग और 50 साल के कम उम्र के लोग शामिल हैं, जो बीमारियों से ग्रसित हैं।
2. क्या वैक्सीन लेनी जरूरी है?
किसी के लिए भी वैक्सीन लेना एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है। हालांकि कोरोना से बचने के लिए वैक्सीन की पूरी डोज लेने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से आप अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों, संबंधियों और काम करने वाले सहयोगियों से इस संक्रमण से बचा सकते हैं।
3. क्या वर्तमान में कोरोना पॉजिटिव लोगों को वैक्सीन दी जाएगी?
कोरोना संक्रमित व्यक्ति के टीकाकरण से केंद्र पर कोरोना फैलने का डर रहेगा। इसलिए ऐसे लोगों को पहले 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा और फिर टीका दिया जाएगा।
4. क्या भारत के पास वैक्सीन को स्टोर करके रखने की क्षमता है?
भारत दुनिया में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाने वाले देशों में से एक है। अभियान की सफलता के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तंत्र को और ज्यादा मजबूत किया जा रहा है।
5. यह कैसे पता चलेगा कि हम वैक्सीन के लिए योग्य हैं?
वैक्सीन के लिए योग्य लोगों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि वैक्सीन कहां दी जाएगी और उसका टाइम शेड्यूल भी बताया जाएगा।
6. सीरम इंस्टीट्यूट से देश के बाकी हिस्सों में कैसे जाएगी वैक्सीन?
वैक्सीन की डोज को अंतिम रूप देने के बाद सभी डोज को पैक किया जाएगा। इन्हें बॉक्स में बंद करके ड्राइस आइस किया जाएगा। इसके बाद फ्रिजर वाले ट्रक में इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाएगा। वैक्सीन को सरकारी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा।
7. वैक्सीन की एक बोतल के कितने लोगों को वैक्सीन दी जाएगी?
सीरम इंस्टीट्यूट में वैक्सीन की जो बोतल बन रही है, उसमें 10 डोज दी जा सकती हैं। इसे एक बार खोलने के बाद 4-5 घंटे के भीतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
8. वैक्सीन की पहली डोज और दूसरी डोज में कितना अंतर जरूरी?
लोगों से अपील की जा रही है कि सीरम की पहली डोज और दूसरी डोज के बीच अंतर रखा जाए। अगर दो महीने के बाद दूसरी डोज ली जाती है तो काफी अच्छी सफलता मिलती है। पहली डोज लेने के बाद भी लोगों को सतर्कता बरतनी होगी।
9. सीरम की वैक्सीन की कितनी कीमत होगी?
सीरम इंस्टीट्यूट भारत सरकार को एक डोज 200 रुपये में देगा यानि कि दो डोज 400 रुपये में दी जाएगी। लेकिन ये दाम सिर्फ सरकार के लिए हैं, अगर कोई निजी कंपनी सीरम से यह वैक्सीन की डोज खरीदेगी तो एक हजार रुपये एक डोज के लिए देने होंगे।