पुणे के ससून जनरल अस्पताल में मां के गर्भ से बच्ची के संक्रमित होने या वर्टिकल ट्रांसमिशन का देश का पहला मामला आया है। आश्चर्यजनक यह है कि मां की आरटी-पीसीआर जांच रिपेार्ट निगेटिव थी। मां में एंटीबॉडी का स्तर अधिक होने से डॉक्टरों को शक हुआ। चिकित्सकों ने शक के आधार पर प्रसव के बाद बच्ची के नाक से लिए गए स्वैब, उसके गर्भनाल और गर्भनाल की गांठ की जांच की गई तो उसमें कोरोना वायरस की मौजूदगी मिली।
ससून जनरल अस्पताल के बाल रोग विभाग की हेड डॉ. आरती किनिकर ने बताया कि हमने तीन सप्ताह बाद मां और बच्ची दोनों के रक्त की जांच की तो दोनों के भीतर एंटीबॉडीज बनीं पाई गईं। मां में इसका स्तर अधिक था जबकि बच्ची में कम। मां को प्रसव से एक सप्ताह पहले से कोरोना के लक्षण थे।