फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुणे में देश का वर्टिकल ट्रांसमिशन केस: मां की रिपोर्ट आई निगेटिव, एंटीबॉडी के अधिक स्तर से हुआ शक

Wed, 29 Jul 2020 04:59 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला, नेटवर्क पुणे
विज्ञापन
एंटीबॉडी परीक्षण - फोटो : social media
विज्ञापन

पुणे के ससून जनरल अस्पताल में मां के गर्भ से बच्ची के संक्रमित होने या वर्टिकल ट्रांसमिशन का देश का पहला मामला आया है। आश्चर्यजनक यह है कि मां की आरटी-पीसीआर जांच रिपेार्ट निगेटिव थी। मां में एंटीबॉडी का स्तर अधिक होने से डॉक्टरों को शक हुआ। चिकित्सकों ने शक के आधार पर प्रसव के बाद बच्ची के नाक से लिए गए स्वैब, उसके गर्भनाल और गर्भनाल की गांठ की जांच की गई तो उसमें कोरोना वायरस की मौजूदगी मिली। 

विज्ञापन


ससून जनरल अस्पताल के बाल रोग विभाग की हेड डॉ. आरती किनिकर ने बताया कि हमने तीन सप्ताह बाद मां और बच्ची दोनों के रक्त की जांच की तो दोनों के भीतर एंटीबॉडीज बनीं पाई गईं। मां में इसका स्तर अधिक था जबकि बच्ची में कम। मां को प्रसव से एक सप्ताह पहले से कोरोना के  लक्षण थे। 

विज्ञापन

गर्भनाल से बच्चे तक पहुंचाता है वायरस

डॉ. किनिकर ने बताया कि एक संक्रमण बच्चे को जन्म के बाद होता है जो किसी स्टाफ या किसी अन्य कारण से होता है। गर्भ से ही बच्चे के संक्रमित होने का मतलब है कि संक्रमित मां से वायरस गर्भनाल के जरिए बच्चे तक पहुंचता है। गर्भनाल से ही बच्चे को जरूरी पोषक तत्त्व मिलते हैं और वायरस इसे ही अपनी राह बना लेता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें