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International Tiger Day 2020: इन तीन भौगोलिक क्षेत्रों में बाघों की तादाद हुई दोगुनी

Wed, 29 Jul 2020 04:54 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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International tiger day 2020 - फोटो : pixabay
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वन्य जीव और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए बाघ बेहद जरूरी हैं। प्राकृतिक आवास कम होने से  इनकी घटती तादाद चिंता का विषय थी, लेकिन बाघ संरक्षण के अभियानों की वजह से अब इनकी संख्या में काफी इजाफा हुआ है। 2006 के मुकाबले 2018 में बाघों की संख्या दोगुनी हो चुकी है।

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देश में 12 वर्षों में बाघों की संख्या 6 फीसदी की दर से बढ़ी है। 2018 के सर्वे के अनुसार तीन भौगोलिक क्षेत्रों में बाघों की तादाद दोगुनी हुई है। शिवालिक की पहाड़ियों, गंगा के मैदानों में संख्या 297 से बढ़कर 646, पश्चिमी घाट क्षेत्र में 402 से बढ़कर 981 और पूर्वोत्तर के पहाड़ों व ब्रह्मपुत्र के मैदानी इलाकों में 100 से 219 हो गई है।

वहीं, मध्य भारत और पूर्वी घाटों में करीब 59 फीसदी वृद्धि के साथ बाघों का कुनबा 601 से 1033 हो गया है। पश्चिमी घाटों में संयुक्त रूप से सर्वाधिक 724 बाघ हैं। वहीं, दूसरे स्थान पर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 604 बाघ रहते हैं।
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चार साल में बढ़े 741
2006 में 1411 बाघ थे, जो 2018 में दोगुने होकर 2967 हो गए। 2010 में 1,706 और 2014 में 2226 बाघ थे। 2014 के बाद सिर्फ चार साल में ही 741 बाघ बढ़े हैं।    

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तीन रिजर्व में एक भी नहीं

बांधवगढ़, बांदीपुर, नागरहोल, मुदुमलाई और काजीरंगा में 100 से ज्यादा बाघ हैं। इसके अलावा दुधवा, कान्हा, तडोबा, सत्यमंगलम और सुंदरबन में 80 से ज्यादा बाघ मिले हैं। मिजोरम के डंपा और पश्चिम बंगाल के बुक्सा रिजर्व में बाघ नहीं बचे हैं। वहीं, पलामू टाइगर रिजर्व में एक भी बाघ की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है।

करीब 25% बढ़े संरक्षित क्षेत्र
2014 में संरक्षित क्षेत्रों की संख्या 692 थी, जो 2019 में बढ़कर 860 से ज्यादा हो गई। साथ ही कम्यूनिटी रिजर्व भी 2014 में 43 थे, जो पिछले साल बढ़कर सौ के पार पहुंच गए।

टाइगर रिजर्व 9 से बढ़कर हुए 50
1970 के दशक में भारत में 2,000 से भी कम बाघ बचे थे। सरकार ने 1973 में बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया और प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बाघ संरक्षण की मुहिम शुरू हुई। 1973 में सिर्फ नौ टाइगर रिजर्व थे, जो सिर्फ 18,278 वर्ग किमी में फैले थे। लेकिन अब इनकी तादाद बढ़कर 50 हो गई है, जिनका क्षेत्रफल 72,749 वर्ग किमी है। हालांकि यह अभी भारत के भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ 2.2 फीसदी ही है।
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