बना लिया था नकली डोजियर
डोंगारा एक मामूली कृषि पृष्ठभूमि से आते हैं लेकिन उन्होंने पावर सिस्टम में एमटेक किया हुआ है। उनकी पहली परियोजना अफगानिस्तान के बगलान प्रांत के दश्त-ए-अल्वान में 500 किलोवाट के सबस्टेशन को बनाने की थी। इसे जनवरी 2019 में पूरा कर लिया गया था। वह इस समय प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर दोशी बमियान ट्रांसमिशन लाइन पर काम कर रहे थे।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार आईएसआई ने एक डोजियर तक तैयार कर लिया था। जिसमें डोंगारा पर कथित आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। इसके लिए एफआईआर, फोटोज और अन्य झूठे सबूत बनाए गए थे। उन्हें कई पाकिस्तान विरोधी समूहों जिसमें जमात अल-अहरार, तारिक गिदार समूह, टीटीपी, आईएसआईएल और लश्कर-ए-झांगवी के एक फाइनेंसर और हथियार आपूर्तिकर्ताओं के रूप में चित्रित किया गया था।
अपनी नापाक हरकत के मद्देनदर पाकिस्तान ने डोंगारा के खिलाफ 11 मार्च को एफआईआर नंबर 81 दर्ज की थी। जिसमें उनके खिलाफ पेशावर में धारा 302, 324, 353, 148, 149 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उनपर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधित समूह तारिक गिदार समूह (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुआ समूह) को हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने का आरोप लगाया गया था।