महाराष्ट्र में सियासी उठापटक जारी है। एनसीपी में बगावत के बाद अब बात पार्टी पर अधिकार हासिल करने तक पहुंच गई है। इसे लेकर अजित पवार और शरद पवार गुटों के अपने अपने दावे हैं। इस बीच, एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में एनसीपी में फूट से विपक्षी एकता मजबूत होगी। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों की आगामी बैठक की भी चर्चा की। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मिजोरम के नेताओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद खरगे ने कहा कि राज्य बदलाव चाहता है।
सभी दल भाजपा की रणनीति से अवगत- वेणुगोपाल
महाराष्ट्र में उपजे सियासी ड्रामा को लेकर एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सभी विपक्षी दल भाजपा की रणनीति से अवगत हैं और उन्हें ऐसी ताकतों से लड़ने में एक साथ रहना होगा। उन्होंने कहा कि इससे हम और भी ज्यादा मजबूत होंगे। पार्टी मुख्यालय में वेणुगोपाल ने कहा कि दरअसल, यह हम सभी के लिए एक अवसर है। हम भाजपा की इस प्रकार की रणनीति को अच्छी तरह से जानते हैं। अब हर कोई महसूस कर रहा है कि हमें इन ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ रहना होगा। विपक्षी एकता मजबूत होने वाली है। 17 और 18 जुलाई को हम बेंगलुरु में बैठक कर रहे हैं, जहां विपक्षी दल कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेंगे।
भाजपा की वाशिंग मशीन ने अपना काम शुरू कर दिया है
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महा-विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन को कुछ नहीं होगा। एनसीपी में विभाजन एमवीए के लिए और मजबूत होने का एक अवसर है। आप जानते हैं कि भाजपा वॉशिंग मशीन ने महाराष्ट्र में फिर से अपना काम शुरू कर दिया है। 29 जून को प्रधानमंत्री महाराष्ट्र गए और एनसीपी को सबसे भ्रष्ट पार्टी के रूप में गाली दी और 72,000 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले का उल्लेख किया। इतना ही नहीं, देवेंद्र फड़णवीस ने तत्कालीन सिंचाई मंत्री के खिलाफ बड़े पैमाने पर लड़ाई लड़ी, लेकिन वे अब अच्छे दोस्त बन गए हैं।
खरगे ने की मिजोरम के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को मिजोरम के कांग्रेस नेताओं के साथ रणनीतिक बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा कि मिजोरम के लोग बदलाव चाहते हैं और उनकी पार्टी पूर्वोत्तर राज्य में विकास के एक नये युग की शुरुआत करने के लिए तैयार है। इतना ही नहीं उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में राज्य में विधानसभा चुनाव जीतेगी।
इस बैठक में राहुल गांधी, महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, मिजोरम के पार्टी प्रभारी भक्त चरण दास, राज्य इकाई प्रमुख लालसावता और सीएलपी नेता जोडिंटलुआंगा राल्टे भी शामिल थे।