वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को देश के 13वें उपराष्ट्रपति पद और गोपनीयता की शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शपथ दिलाई। 3.30 मिनट में शपथ ग्रहण समारोह पूरा हो गया। नायडू ने शपथ हिंदी में ली। वेंकैया के शपथ के साथ ही देश के चार शीर्ष पदों राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर के पदों पर पहली बार भाजपा और संघ की विचारधारा से जुड़े लोग होंगे।
M Venkaiah Naidu takes oath as the next Vice President of India pic.twitter.com/BHQGKy4gWC
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गौरतलब है कि वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा कांग्रेस के साथ विचारधारा के स्तर पर ही नहीं बल्कि संस्कृति और विरासत की भी जंग लड़ रही है। विरासत की जंग में पार्टी और मोदी सरकार ने पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी से तो पूरी तरह से दूरी बनाए रखी है।
शपथ लेने के बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सीधे संसद भवन के लिए रवाना हो गए है, जहां उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया और परिसर में मौजूद राज्यसभा सभापति के कार्यालय में जाकर के पदभार ग्रहण करेंगे। हालांकि शपथ ग्रहण के दौरान विपक्ष मौजूद नहीं रहा।
Dr.Manmohan Singh arrives for oath ceremony of M Venkaiah Naidu #VicePresident pic.twitter.com/gPWdEjwDlQ
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शपथ लेने से पहले वेंकैया नायडू ने महात्मा गांधी को राजघाट पर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद संघ से जुड़े रहने वाले नेता दीनदयाल उपाध्याय की डीडीयू मार्ग पर स्थित प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया। इसके बाद वो संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर और सरदार पटेल की संसद भवन और पटेल चौक पर मौजूद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
Delhi: #VicePresident designate M Venkaiah Naidu visits Raj Ghat pic.twitter.com/LC5Lu25NZb
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Delhi: #VicePresident designate M Venkaiah Naidu pays tribute to Deen Dayal Upadhaya at DDU Park pic.twitter.com/lgxuiVP6IW
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Delhi: #VicePresident designate M Venkaiah Naidu pays tribute to Sardar Vallabhbhai Patel at Patel Chowk pic.twitter.com/iOMdq50glh
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मगर इस दौरान उसने कांग्रेस की विरासत से जुड़े रहे अंबेडकर और पटेल की राजनीतिक विरासत हासिल करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी है। इस क्रम में बीते लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद एक के बाद एक चार शीर्ष पदों को हासिल कर भाजपा ने आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी सफलता हासिल की है।
इसी आशय का संदेश देने के लिए वेंकैया ने महात्मा गांधी को श्रद्घांजलि देने के बाद संघ-भाजपा की विचारधारा का संदेश देने के लिए दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद शपथ लेने की योजना बनाई।
इसके अलावा जिन शख्सियतों की राजनीतिक विरासत को हासिल करने पर भाजपा की निगाहें हैं उन शख्सियतों की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण की योजना बनाई।