मंगलवार को राज्यसभा में अरुण जेटली के फिर से नेता सदन पर मुहर लगने और नवनिर्वाचित 41 सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। गौरतलब है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में 5 मार्च को शुरू हुए सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में बैंक घोटाले, कावेरी जल बंटवारा, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के कारण एक दिन भी कार्यवाही नहीं चल सकी।
संसद के दोनों सदनों में लगातार 19वें दिन भी कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्ष के भारी हंगामे और शोरगुल के बाद सदन की कार्यवाही पिछले 19 दिनों से लगातार स्थगित की जा रही है।
वहीं एससी/एसटी कानून पर सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर हिंसा के अगले दिन लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस फैसले में पार्टी नहीं है। बल्कि सरकार ने पहले ही शीर्ष अदालत में फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है।