विदेश मंत्रालय ने कहा, उपराष्ट्रपति की गेबॉन और सेनेगल की यात्रा अफ्रीकी महाद्वीप के लिए भारत की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करती है। इससे अफ्रीकी देशों के साथ भारत के रिश्तों को गति मिलेगी।
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू कतर यात्रा के दौरान दोनों देशों के पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने के लिए भारत-कतर स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत कर सकते हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नायडू 30 मई से गेबॉन, सेनेगल और कतर की 9 दिवसीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं।
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सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. ऑसफ सईद ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि उपराष्ट्रपति 4 से 7 जून तक कतर में होंगे। वह भारत और कतर के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर कतर पहुंच रहे हैं। उम्मीद है कि वह इस दौरान इंडिया-कतर स्टार्टअप ब्रिज की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वह कतर फाउंडेशन जाएंगे। यह शेख मोजा बिंत नसीर के नेतृत्व में चलने वाली गैर लाभकारी संस्था है, जो विज्ञान, स्वास्थ्य और संस्कृति विकास के मुद्दे पर काम करती है। इसमें एक पूरा शहर है जिसमें कई जाने माने शिक्षण संस्थान हैं। नायडू कतर के राष्ट्रीय संग्रहालय भी जाएंगे। नायडू कतर के शीर्ष अमीर शेख अब्दुल्ला बिन हमद अल थानी से मिलकर द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा, उपराष्ट्रपति की गेबॉन और सेनेगल की यात्रा अफ्रीकी महाद्वीप के लिए भारत की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करती है। इससे अफ्रीकी देशों के साथ भारत के रिश्तों को गति मिलेगी। यह गेबॉन और सेनेगल में भारत के किसी शीर्ष नेतृत्व की पहली यात्रा है। नायडू 30 मई से 1 जून तक गेबॉन और 1 से 3 जून तक सेनेगल में रहेंगे। नायडू 4 जून को कतर रवाना होंगे।