फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varun Gandhi: ऑक्सफोर्ड का न्योता वरुण गांधी ने ठुकराया, कहा- देश की चुनौतियों की विदेशी मंच पर चर्चा ठीक नहीं

Thu, 16 Mar 2023 08:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 जवाब में वरुण गांधी ने लिखा कि उनके जैसे नागरिकों को नियमित रूप से भारत में इस तरह के विषयों पर आसानी से चर्चा करने का अवसर मिलता है। वे सार्वजनिक चौक और प्रतिष्ठित संसद में सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को देश के बाहर उठाना देश हित के लिए प्रतिकूल होगा।
विज्ञापन
भाजपा सांसद वरुण गांधी - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सही रास्ते पर है या नहीं?', इस विषय पर चर्चा के लिए भाजपा सांसद वरुण गांधी ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। उन्होंने न्योता ठुकराते हुए कहा कि उन्हें घरेलू चुनौतियों के बारे में विदेशी मंच पर आवाज उठाने में कोई ईमानदारी नजर नहीं आती।  एक अंतरराष्ट्रीय मंच और इस तरह का कदम एक 'अपमानजनक कृत्य' होगा। उन्होंने चर्चा में शामिल होने के निमंत्रण पर धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका मानना है कि यह विषय "पूर्वनिर्धारित निष्कर्ष" के साथ तय किया गया है 

विज्ञापन


राहुल की आलोचना के बीच वरुण का जवाब
उनका यह जवाब उस समय सामने आया है जब उनके चचेरे भाई और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी लंदन में अपने बयानों को लेकर भारत में भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। भाजपा ने राहुल गांधी की टिप्पणियों को  भारतीय लोकतंत्र के लिए "अपमानजनक" बताया है। 

अप्रैल-जून में होगी चर्चा
मिली जानकारी के मुताबिक, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सही रास्ते पर है या नहीं' इस विषय पर  अप्रैल और जून के बीच चर्चा होने वाली है। इसमें बोलने के लिए ऑक्सफोर्ड यूनियन के अध्यक्ष मैथ्यू डिक की ओर से भाजपा विधायक को न्योता दिया गया था। जिसे वरुण गांधी ने अस्वीकार कर दिया। 
विज्ञापन


वरुण ने दिया जवाब
अपने जवाब में वरुण गांधी ने लिखा कि उनके जैसे नागरिकों को नियमित रूप से भारत में इस तरह के विषयों पर आसानी से चर्चा करने का अवसर मिलता है। वे सार्वजनिक चौक और प्रतिष्ठित संसद में सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को देश के बाहर उठाना देशहित के लिए प्रतिकूल होगा।

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उनके जैसे राजनेताओं के बीच केंद्र और राज्य स्तर पर अलग-अलग नीतियों पर मतभेद हो सकते हैं बावजूद इसके हम सभी भारत के उत्थान के लिए एक ही रास्ते पर हैं।

न्योते में क्या कहा गया है?
ऑक्सफोर्ड यूनियन के न्योते में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन ने भारत को वैश्विक मंच पर अधिक प्रमुखता दी है। वहीं दूसरी ओर, कृषि क्षेत्र के भीतर बढ़ते असंतोष को गलत तरीके से संभालने, धार्मिक समूहों के बीच संघर्ष को "उकसाने" और स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने में विफल रहने के लिए उनके प्रशासन की आलोचना की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें