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MMR: मंडाविया बोले- मोदी सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के मिल रहे परिणाम, मातृ मृत्यु अनुपात में भारी गिरावट

Wed, 30 Nov 2022 04:21 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गृहमंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय ने मंगलवार को आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, एमएमआर में लगातार गिरावट देखने को मिली है। वर्ष 2018-20 के लिए भारत की एमएमआर 97 था। जबकि 2014-16 में एमएमआर 130 था।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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गुणवत्तापूर्ण मातृ और प्रजनन देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के परिणाम मिले हैं। मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) को कम करने में मदद मिली है। यह बातें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने यह बातें कहीं है। 

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दरअसल, गृहमंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय ने मंगलवार को आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, एमएमआर में लगातार गिरावट देखने को मिली है। वर्ष 2018-20 के लिए भारत की एमएमआर 97 था। जबकि 2014-16 में एमएमआर 130 था।

मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य का पैमाना है। प्रजनन आयु-अवधि में कई महिलाएं गर्भावस्था और प्रसव या गर्भपात की परेशानियों के कारण मर जाती हैं।  
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, मातृ मृत्यु एक महिला की गर्भावस्था के दौरान या गर्भावस्था की समाप्ति के 42 दिनों के भीतर की मृत्यु है। संगठन के मुताबिक, मातृ मृत्यु अनुपात में गर्भावस्था के प्रबंधन से संबंधित किसी भी कारण को शामिल नहीं किया जाता है।
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भारत में एमएमआर 2014-16 में 130, 2017-19 में 103 थी, जो 2018-20 में घटकर 97 हो गया है। 

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