एक जैसी संस्कृति वालों को जोड़ने का प्रयास
मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, इस फॉर्मूले के तहत कोशिश की गई है की अव्वल और फिसड्डी शहरों की जोड़ी में एक जैसी संस्कृति वाले शहरों को ही रखा जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वाराणसी पौरोणिक व पवित्र शहर है। इसी कारण उसकी जोड़ी अमृतसर के साथ बनाई गई है, जो खुद एक पवित्र शहर है।
सहारनपुर का प्रदर्शन निखारेगा सूरत शहर
सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनवाने की जिम्मेदारी गुजरात की डायमंड सिटी सूरत को मिली है, तो दीव की शक्ल विशाखापत्तनम शहर सुधारेगा। इसी तरह भोपाल को मिजोरम की राजधानी आइजॉल से जोड़ी बनाने को कहा गया है।
100 दिन लंबा होगा ‘सिस्टर सिटी’ का साथ
मंत्रालय के मुताबिक, ‘सिस्टर सिटी’ के तौर पर आपस में जुड़ने वाले शहरों को एमओयू की घोषणा के बाद अपने साथी फिसड्डी शहर की रैंक और प्रदर्शन सुधारने के लिए 100 दिन की चुनौती मिलेगी यानी उन्हें 100 दिन में ऐसा करना होगा कि इन शहरों की शक्ल में बदलाव दिखाई देने लगे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
- 100 शहरों को चुना गया है स्मार्ट बनाने के लिए
- 5151 परियोजनाएं तय हो चुकी हैं अब तक इनमें
- 2,05,018 करोड़ रुपये खर्च होंगे इन परियोजनाओं पर