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स्मार्ट सिटी योजना में पिछड़े शहरों को सिखाने वाले 20 शहरों में वाराणसी भी शामिल

Mon, 10 Feb 2020 02:28 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वाराणसी - फोटो : ट्विटर
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देश में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चुने गए 100 शहरों में से परियोजनाएं लागू करने के मूल्यांकन में सबसे अव्वल रहे 20 शहरों को अपनी सफलता के गुर 20 सबसे फिसड्डी शहरों को सिखाने की जिम्मेदारी मिली है। ये शहर आपस में ‘सिस्टर सिटी’ की तरह काम करेंगे। इन 20 अव्वल शहरों में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी शामिल है, वहीं कानपुर, आगरा और देहरादून को भी इस सूची में जगह दी गई है। 

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वाराणसी को जहां अमृतसर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने में मदद करने की जिम्मेदारी मिली है, वहीं पंजाब-हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने में अहमदाबाद मदद करेगा। अहमदाबाद को स्मार्ट सिटी योजना के आंतरिक मूल्यांकन में देश के 100 शहरों में सबसे अव्वल गिना गया है। दूसरे शहरों को सिखाने के लिए चुने गए 20 अव्वल शहरों में कोटा, इंदौर, नागपुर, तिरुपुर, रांची, भोपाल, सूरत, विशाखापत्तनम, वेल्लोर, वडोदरा, नासिक, दावानगिरी, पुणे, उदयपुर और अमरावती भी शामिल हैं।

एक अधिकारी के मुताबिक, 20-20 फॉर्मूला के तहत रांची को शिमला और पुणे को धर्मशाला शहर के साथ टीम बनाने की जिम्मेदारी मिली है। इन्हें अपनी ‘सिस्टर सिटी’ के साथ स्मार्ट सिटी से जुडे़ आइडिया शेयर करने और उनके प्रदर्शन को सुधारने के लिए टिप्स देनी होगी। केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय ने इसके लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें 20 शीर्ष शहरों को 20 फिसड्डी शहरों के साथ 20 फरवरी तक एमओयू कर लेने का आदेश दिया गया है। 

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एक जैसी संस्कृति वालों को जोड़ने का प्रयास

मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, इस फॉर्मूले के तहत कोशिश की गई है की अव्वल और फिसड्डी शहरों की जोड़ी में एक जैसी संस्कृति वाले शहरों को ही रखा जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वाराणसी पौरोणिक व पवित्र शहर है। इसी कारण उसकी जोड़ी अमृतसर के साथ बनाई गई है, जो खुद एक पवित्र शहर है। 
 

सहारनपुर का प्रदर्शन निखारेगा सूरत शहर

सहारनपुर को स्मार्ट सिटी बनवाने की जिम्मेदारी गुजरात की डायमंड सिटी सूरत को मिली है, तो दीव की शक्ल विशाखापत्तनम शहर सुधारेगा। इसी तरह भोपाल को मिजोरम की राजधानी आइजॉल से जोड़ी बनाने को कहा गया है। 
 

100 दिन लंबा होगा ‘सिस्टर सिटी’ का साथ

मंत्रालय के मुताबिक, ‘सिस्टर सिटी’ के तौर पर आपस में जुड़ने वाले शहरों को एमओयू की घोषणा के बाद अपने साथी फिसड्डी शहर की रैंक और प्रदर्शन सुधारने के लिए 100 दिन की चुनौती मिलेगी यानी उन्हें 100 दिन में ऐसा करना होगा कि इन शहरों की शक्ल में बदलाव दिखाई देने लगे।
 

   स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट

  • 100 शहरों को चुना गया है स्मार्ट बनाने के लिए
  • 5151 परियोजनाएं तय हो चुकी हैं अब तक इनमें
  • 2,05,018 करोड़ रुपये खर्च होंगे इन परियोजनाओं पर
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