Vande Mataram Row: कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' गाने को लेकर हुए विवाद पर शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को सम्मान दिलाने में कांग्रेस की भूमिका रही है और अमित शाह को इतिहास पढ़ना चाहिए। संजय राउत ने क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के कथित अपमान को लेकर जारी विवाद पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बनाई हुई कहानी बताया। उन्होंने दावा किया कि वंदे मातरम को आज जो सम्मान मिला है, वह कांग्रेस ने ही दिलाया है।
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संजय राउत ने क्या कहा?
संजय राउत ने कहा, यह सब भाजपा की बनाई हुई कहानी (नैरेटिव) है। वंदे मातरम को जो सम्मान मिला है, वह कांग्रेस ने ही दिलाया है।
गृह मंत्री अमित शाह को बताया 'व्यापारी'
उन्होंने कहा, 1896 में जब के एक अधिवेशन में वंदे मातरम गाया गया था, तब कांग्रेस के अध्यक्ष एक मुस्लिम व्यक्ति रहिमतुल्ला सयानी थे। (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह को इतिहास पढ़ना चाहिए। भारत के स्वतंत्रता संग्राम, वंदे मातरम और राष्ट्रगान से उनका क्या संबंध है। वह व्यापारी हैं।
क्या है पूरा मामला?
15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाया जा रहा था। इसी दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे से बात करते और इशारा करते देखा गया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने का संकेत दिया और इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी गीत रुकवाने के लिए नहीं, बल्कि काफी देर से खड़े खरगे के लिए कुर्सी मंगाने का इशारा कर रही थीं। अब इसी पर बवाल कटा है।
भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर 15 अगस्त का कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का एक वीडियो साझा किया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी, राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं। भाजपा का दावा है कि वंदे मातरम गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी असहज दिखाई दिए।