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Vande Matram Row: 'टेगौर की सलाह पर ही छोटा किया गया वंदे मातरम', कांग्रेस नेता जयराम बोले- माफी मांगें PM

Fri, 07 Nov 2025 08:06 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Jairam Ramesh On Vande Matram Controversy: ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगी है। पार्टी का कहना है कि 1937 में गीत के पहले दो पद यानी पैराग्राफ रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर ही अपनाए गए थे। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने टैगोर पर विभाजनकारी विचार रखने का आरोप लगाकर देश के गौरवशाली इतिहास का अपमान किया है।
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पीएम मोदी और जयराम रमेश - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो चुक हैं। इस पर भाजपा पूरे देश में कई आयोजन भी कर रही है। साथ ही पीएम मोदी ने दिल्ली में इस पर संबोधन भी दिया। इसी दौरान पीएम ने 1937 में गीत के कुछ पद हटाए जाने की बात कही। संबोधन पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे भारत के कई महत्वपूर्ण पदों यानी पैराग्राफ को हटा दिया गया था। इतना ही नहीं पीएम ने ये भी कहा कि यहीं देश के विभाजन की बीज भी बो दिए गए थे। इस पर कांग्रेस और भाजपा पर जुबानी जंग छिड़ गई है।
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पीएम के संबोधन के बाद कई भाजपा नेताओं ने एक्स पर भी पोस्ट किया और कहा कि कांग्रेस ने वंदे भारत को तोड़ने का काम किया। मोदी के इस बयान को कांग्रेस ने तथ्यों से परे बताया। वहीं, अब इस पर कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट की है। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय रवींद्रनाथ टैगोर की ही सलाह पर पहले दो पैराग्राफ को अपनाया गया था। कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री की भ्रामक टिप्पणी बताते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग भी की है।

कांग्रेस महासचिव का जवाब
कांग्रेस महासचिव ने आगे एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री का बयान निंदनीय है और उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान व्यक्तित्व पर विभाजनकारी विचार रखने का आरोप लगाकर शर्मनाक काम किया है। उन्होंने बताया कि 29 अक्तूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति ने ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो पैराग्राफ को अपनाने का निर्णय लिया था, लेकिन ये फैसला पूरी तरह से टैगोर के सुझाव पर ही आधारित था। रमेश ने सब्यसाची भट्टाचार्य की किताब से उद्धरण साझा करते हुए कहा कि टैगोर ने 26 अक्तूबर 1937 को जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर यही सलाह दी थी।
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टैगोर की राय पर हुआ बदलाव
किताब में उद्धृत टैगोर के पत्र के अनुसार, उन्होंने लिखा था कि ‘वंदे मातरम्’ के पहले दो पद राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और भक्ति की भावना प्रकट करते हैं, जो उन्हें अत्यंत प्रिय हैं। उन्होंने माना कि कविता के बाद के हिस्सों में कुछ भाव ऐसे हैं जो मुस्लिम समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं, इसलिए केवल शुरुआती दो पैराग्राफ को अपनाना अधिक उचित था। टैगोर ने लिखा कि गीत का पहला भाग मातृभूमि की कोमलता और सौंदर्य का प्रतीक है, जो किसी भी समुदाय को आहत नहीं करता।
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कांग्रेस ने की माफी की मांग
कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कहना गलत है कि 1937 का निर्णय विभाजन की सोच से प्रेरित था। पार्टी ने याद दिलाया कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम्’ को आधिकारिक रूप से राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जिसमें केवल पहले दो पद शामिल थे। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने टैगोर जैसे महान राष्ट्रभक्त की छवि पर प्रश्न उठाया है। कांग्रेस ने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना लोकतंत्र के साथ धोखा है।


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