कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद दुनियाभर में फंसे भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए वंदे भारत मिशन की शुरुआत की गई। इसी कड़ी में मिशन के सातवें चरण के तहत यूएई से 40 हजार भारतीयों की स्वदेश वापसी होगी।
वंदे भारत मिशन के सातवें चरण के लिए 271 फ्लाइट्स का संचालन यूएई के लिए किया जाएगा। इस चरण में सबसे अधिक लोगों की यूएई से वापसी होगी। वहीं, ओमान, सिंगापुर, कतर, सऊदी अरब से भी काफी संख्या में भारतीय वापस लौटेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की तरफ से अक्तूबर का कार्यक्रम तय कर लिया गया है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की 496 फ्लाइट्स का अक्तूबर में संचालन किया जाएगा। इसमें यूएई के बाद ओमान से सबसे अधिक लोग वापस आएंगे। ओमान से कुल 13 हजार लोगों को भारत लाने का प्रबंध किया गया है। वहीं, सिंगापुर, कतर, सऊदी अरब और कुवैत से काफी संख्या में लोग स्वदेश लौटेंगे।
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स्वदेश लौटने वाले भारतीयों ने मिशन के लिए अपना पंजीकरण कराया था। विदेशों से भारत लौटने वाले लोगों की बड़ी संख्या केरल से है। इस मिशन के तहत अधिकतर फ्लाइट्स की लैंडिंग केरल में ही होगी। इसके अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, दिल्ली में मिशन के तहत आने वाली प्रमुख फ्लाइट्स लैंड करेंगी।
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर तक इस मिशन के तहत 2973 फ्लाइट्स का संचालन किया गया है। इन फ्लाइट्स के माध्यम से 5,07,763 लोगों की स्वदेश वापसी हुई है। वहीं, चार्टर्ड विमानों से 9,22,274 लोग विभिन्न देशों से वापस लौटे हैं।
वहीं, द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को और बढ़ावा देने के लिए भारत ने केन्या और भूटान के साथ 'एयर बबल' व्यवस्था पर करार किया है। यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्री एचएस पुरी ने दी है। इस समझौते के अंतर्गत भारत अपनी हवाई सेवा इन दो देशों में देगा वहीं ये दोनों देश भारत में अपनी सेवा दे सकेंगे।