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Vande Metro: फिर से गुजरात के कोटे में जा रही वंदे भारत मेट्रो ट्रेन, मुंबई से जोड़ने के पीछे यह है वजह?

Thu, 07 Nov 2024 04:38 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

Vande Metro: वंदे भारत मेट्रो ट्रेन का हाल ही में गुजरात के सूरत से लेकर महाराष्ट्र के मुंबई के बीच पहला सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस ट्रायल के दौरान वंदे मेट्रो ट्रेन को 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। यह ट्रेन अहमदाबाद से चलकर सूरत होते हुए मुंबई पहुंची थी।
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वंदे भारत मेट्रो ट्रेन का सफल ट्रायल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की दूसरी नमो भारत रैपिड रेल यानी वंदे भारत मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी पूरी हो गई है। दूसरी ट्रेन भी गुजरात को मिलने जा रही है। इस ट्रेन को हाल ही में गुजरात के सूरत से लेकर महाराष्ट्र के मुंबई के बीच पहला सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस ट्रायल के दौरान वंदे मेट्रो ट्रेन का 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। यह ट्रेन अहमदाबाद से चलकर सूरत होते हुए मुंबई पहुंची थी। दरअसल, वंदे भारत मेट्रो ट्रेन देखने में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की तरह ही है। यह ट्रेन मुख्य रूप से उन इंटरसिटी रूट के लिए जिनकी दूरी महज 250 से 350 किलोमीटर की होती है। जिनकी औसत यात्रा का समय 3 से 5 घंटे के बीच होता है।
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130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल
अमर उजाला से चर्चा में पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि, अहमदाबाद से मुंबई के बीच वंदे मेट्रो ट्रेन का 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ट्रायल किया है। यह वंदे मेट्रो ट्रेन का दूसरा सेट है। हालांकि इस ट्रेन का रूट क्या होगा यह रेलवे बोर्ड तय करेगा। फिलहाल हमने इसका सफल ट्रायल किया है। अभी अहमदाबाद से भुज के बीच पहले से ही एक वंदे मेट्रो ट्रेन का परिचालन कर रहे है। जो 110 किमी की रफ्तार से चलती है।

वंदे मेट्रो ट्रेन की ये है खासियत
वंदे मेट्रो ट्रेन की खासियत यह है कि इसमें कर्व पर तेज गति से घूमने और धीमा होने की क्षमता है। इससे मध्य और दूरी वाले शहरों के बीच यात्रा तेज और आसान होती है। हालांकि इस ट्रेन को अभी मुंबई से सूरत के बीच चलाने की चर्चा हो रही है। वंदे भारत मेट्रो का ये रूट इसलिए सबसे ज्यादा मुफीद है, क्योंकि इस रूट पर दैनिक यात्रियों की संख्या सर्वाधिक है। इसलिए इन शहरों से इस ट्रेन को लांच किए जाने पर विचार किया जा रहा है। सूरत और मुंबई दोनों व्यापारिक दृष्टि से भी अहम शहर है। इसके अलावा बड़ी संख्या में नौकरी पेशा लोग भी अप डाउन करते है।
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मेमू ट्रेन से ज्यादा वंदे मेट्रो ट्रेने की रफ्तार
इस ट्रेन की अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटे है, जो मेमू ट्रेन से अधिक है। वंदे मेट्रो का निर्माण वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की तर्ज पर किया गया है, जिसे लगभग 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो शहरों में आवागमन को आसान करना है। रोजाना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोग, छात्र एवं कारोबारी इस फासले को तीन से चार घंटे में आराम से तय कर सकेंगे।

तमाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त है वंदे मेट्रो ट्रेन
12 वातानुकूलित डिब्बे वाली इस ट्रेन में एक बार में 1,150 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। मेट्रो ट्रेनों की तरह खड़े होकर भी यात्रा की जा सकती है। इस तरह एक बार में सीटिंग क्षमता से ज्यादा यात्री भी आना-जाना कर सकते हैं। ट्रेन में कई आधुनिक सुविधाएं हैं। मॉड्यूलर डिजाइन में इजेक्टर-आधारित बायो वैक्यूम टायलेट हैं। दिव्यांगों के लिए दोनों क्षोर पर अनुकूल शौचालय हैं। इसमें बोगियों में एलईडी लाइट की व्यवस्था है। आउटलेट के साथ मोबाइल चार्जिंग सॉकेट है। मेट्रो की तरह एक कोच से दूसरे में यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाया गया है, ताकि अलग-अलग कोच में भीड़ ज्यादा न हो। ट्रेनों को आपस में टक्कर होने से बचाने के लिए कवच प्रणाली लगी हुई है। आग का पता लगाने और उसे बुझाने के लिए एरोसोल प्रणाली भी है।
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