आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा से बिल पास होने के बाद कहा, ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बन गया है। इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव साबित हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित कानून ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देगा और भारत को वैश्विक गेम डेवलपमेंट हब बनाएगा।
वैष्णव ने कहा, हमारा प्रयास ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग, ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है और हम चाहते हैं कि भारत एक गेम-मेकिंग हब बने। इसके लिए पहले से ही काफी प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा, जहां तक डिजिटल तकनीकों की बात है, ऑनलाइन गेमिंग तीन मुख्य खंडों के साथ एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभरा है। दो खंड, ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग, समाज के लिए अच्छे हैं। हम तीन में से दो खंडों को बढ़ावा दे रहे हैं। इन दोनों को कानूनी मान्यता मिलेगी और इनका प्रचार किया जाएगा।
मंत्री ने कहा, यह विधेयक एक ऐसा प्राधिकरण बनाएगा जो मूल रूप से ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम और योजनाएं बनाएगा। वैष्णव ने कहा, तीसरा खंड, ऑनलाइन मनी गेमिंग, समाज को नुकसान पहुंचा रहा है। यह एक बड़ी सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनकर उभरा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी गेमिंग डिसऑर्डर नामक एक नई बीमारी की पहचान की है जो चिंता, अवसाद, नींद की समस्या, सामाजिक अलगाव और तनाव का कारण बनती है। यह बाध्यकारी व्यवहार, मनोवैज्ञानिक संकट और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में गंभीर व्यवधान पैदा करता है। मंत्री ने कहा, हमने देखा है कि ऑनलाइन मनी गेमिंग की लत के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों को अपनी जीवन भर की बचत गंवानी पड़ी है। आत्महत्या के मामले भी सामने आए हैं।