एमडीएमके ने जारी किया अपना घोषणा पत्र
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तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के प्रमुख और सांसद वाइको ने बुधवार (17 मार्च) को पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया। उन्होंने वादा किया कि राज्य में नौकरियां तमिलों के लिए आरक्षित होंगी।
हिंदी-संस्कृत के खिलाफ उठाएंगे आवाज
उन्होंने कहा कि एमडीएमके तमिलनाडु में हिंदी और संस्कृत के खिलाफ आवाज उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके उन हिंदुत्ववादी ताकतों का समर्थन कर रही है, जो पेरियार की भूमि में हिंदी और संस्कृत को थोपने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में हमारा लक्ष्य है कि वह सत्ता में न आ सकें।
भाजपा को बताया राज्य के लिए खतरा
एमडीएमके प्रमुख ने कहा कि तमिलनाडु धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय का संरक्षक है। भाजपा जैसी हिंदुत्ववादी ताकत धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए बेहद गंभीर खतरा है। ऐसे में हमने अपने घोषणा पत्र में हिंदुत्ववादी ताकतों को खत्म करने का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि हमारी पार्टी ने तमिलनाडु में नीट परीक्षा पर प्रतिबंध लगाने और राजीव गांधी हत्या मामले में कैदियों को रिहा करने के लिए कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का वादा किया।
राजीव गांधी हत्याकांड पर
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी हत्या मामले में कैदियों की रिहाई के मुद्दे पर राज्यपाल, राज्यपाल और केंद्र सरकार ने जमकर नाटक किया। इस मामले में केंद्र सरकार के निर्णय लेने की जरूरत नहीं है। अगर जरूरत हो तो राज्यपाल खुद भी कैदियों को रिहा कर सकते हैं। वाइको ने कहा कि एमडीएमके अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से श्रीलंका में अलग तमिल राज्य (तमिल ईलम) बनाने के लिए आवाज उठाएगा।