पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि हमारे पास चार लाख वैक्सीन ही बची है। केंद्र की ओर से वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई गई, तो एक मई से कैसे सबको टीका लगा सकते हैं। केंद्र सरकार ने कह दिया कि एक मई से वैक्सीन दी जाए, लेकिन हमारे पास वैक्सीन ही नहीं है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, तो हमारे पास इसे देने का कोई तरीका नहीं है।
बघेल बोले, हमारे पास नहीं है वैक्सीन स्टॉक
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बद्येल ने कहा है कि एक मई से वैक्सीनेशन शुरू नहीं किया जा सकता क्योंकि हमारे पास वैक्सीन मौजूद ही नहीं है।
दिल्ली में सबको लगेगी मुफ्त वैक्सीन
दिल्ली केमुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार शहर में 18 साल से ऊपर के सभी व्यक्तियों को कोरोना का टीका मुफ्त लगवाएगी। इसके लिए 1.34 करोड़ डोज की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। सरकार टीकों की खरीद और लोगों को टीका लगाने की गति तेज करने के लिए प्रयास करेगी। केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 टीकों की कीमत एक ही होनी चाहिए और उन्होंने केंद्र से कीमतें कम करने की अपील की। उन्होंने टीका उत्पादकों से कीमतें कम करने की अपील करते हुए कहा कि यह मानवता की मदद करने का समय है लाभ कमाने का नहीं।
उत्तर प्रदेश में 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वालों के कोविड की वैक्सीन मुफ्त लगेगी। सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। कोविडशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट और कोवैक्सिन बनाने वाली भारत बायोटेक को 50-50 लाख वैक्सीन का ऑर्डर भेज दिया गया है।
महाराष्ट्र: अभी कई सेंटर बंद तो 1 मई के बाद क्या होगा
महाराष्ट्र से कोरोना के सबसे अधिक केस सामने आ रहे हैं। इसी बीच वहां के कई वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीन न होने की वजह से उसे बंद करने की भी खबरें आई हैं। रविवार को मुंबई के 73 वैक्सीनेशन सेंटर में से केवल 37 ही खुले। यहां भी अधिकांश दूसरी डोज लेने वालों को ही प्राथमिकता दी गई है। महाराष्ट्र के अधिकारियों का कहना कि केंद्र की नई गाइडलाइंस के अनुसार, राज्य को खुद वैक्सीन की व्यवस्था करनी होगी। सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और भारत बायोटेक को इस बारे में लिखा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
शिवराज सरकार से 45 लाख वैक्सीन का ऑर्डर
मध्यप्रदेश सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोरोना का टीका मुफ्त लगाने की घोषणा की है। इसकी शुरुआत 1 मई से होगी और सरकार ने इसके लिए 45 लाख कोविशील्ड का पहला ऑर्डर दिया है। कोविशील्ड की कीमत कम होने के चलते सरकार ने पहला ऑर्डर सीरम इंस्टीट्यूट को दिया है। इस पर 180 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि 45 लाख डोज 1 मई से पहले ही राज्य में पहुंच जाने की उम्मीद है। कोविशील्ड की कीमत स्वदेशी कोवैक्सीन से कम है। कोवैक्सीन की एक डोज की कीमत 600 रुपये है जबकि सीरम इंस्टीट्यूट से कोविशील्ड की एक डोज 400 रुपये में मिलेगी।