देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब दिल्ली में भी दिखाई देने लगा है। दो सप्ताह से राजधानी में कोरोना के दैनिक मामले तेजी से बढ़ रहेे हैं। विशेषज्ञों का कहना है वैक्सीनेशन बढ़ाने से ही संक्रमण पर लगाम लगाई जा सकती है।
दिल्ली में फरवरी में रोजाना औसतन 130 संक्रमण के नए केस मिल रहे थे। यह आंकड़ा अब एक सप्ताह से 560 हो गया है। इस हिसाब से देखें तो पिछले माह के मुकाबले अब पांच गुना रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही माना जा रहा है। बाजारोें, सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मामले बढ़ने के साथ अब संक्रमण दर भी बढ़ने लगी है। शनिवार को संक्रमितों की दर 1 फीसदी से ज्यादा थी। लगातार बढ़ रहे मामलों और संक्रमण दर पर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। एम्स के डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि अब लोग कोरोना के प्रति लापरवाह हो चुके हैं। उन्हें लग रहा है कि वायरस खत्म हो चुका है।
मास्क का प्रयोग भी लोग सिर्फ चालान से बचने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में सख्ती बरतने के साथ-साथ टीकाकरण को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का भी वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाए।
वैक्सीनेशन प्रक्रिया सरल करने की भी जरूरत
राजीव गांधी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन बताते हैं कि पिछले महीने अस्पताल में कोरोना के मरीजों की संख्या शून्य तक पहुंच गई थी, लेकिन अब दो सप्ताह से रोजाना 2 से 3 मरीज भर्ती हो रहे हैं।
डॉक्टर के मुताबिक, इस समय संक्रमण से हालात काबू में है। अस्पतालों में ज्यादा मरीज भर्ती नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की प्रक्रिया को सरल करने के साथ-साथ युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन की जरूरत है।