भारतीय नौसेना का युद्धपोत शार्दुल एक साल बाद रविवार को दोबारा स्थानीय बंदरगाह पर पहुंच गया। हालांकि इस बार आईएनएस शार्दुल का यह दौरा प्रशिक्षण दल की प्रवासी तैनाती के लिए है। अपनी इस यात्रा के दौरान यह युद्धपोत पास्सेक्स की जिम्मेदारी संभालेगा और 24 मार्च को मालागासे नौसेना के साथ मिलकर उनके समुद्री क्षेत्र में संयुक्त गश्ती अभियान चलाएगा।
भारतीय दूतावास ने कहा, आईएनएस शार्दुल का यह दौरान भारत और मेडागास्कर के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में साझीदारों के तौर पर मजबूत रक्षा समझौते का प्रतीक है।
शार्दुल इससे पहले पिछले साल 10 मार्च को भी अंतसिरान्ना के बंदरगाह पर पहुंचा था, लेकिन तब उसकी यात्रा मेडागास्कर के बाढ़ पीड़ितों को भारत की तरफ से तत्काल राहत सामग्री के तौर पर 600 टन चावल की खेप पहुंचाने के लिए थी।
दूतावास के मुताबिक, यह किसी भी भारतीय युद्धपोत की तरफ से कहीं पहुंचाई गई सबसे बड़ी राहत सामग्री की खेप है, जो माल लादने, ढोने और उतारने के हिसाब से रिकॉर्ड समय में पूरी की गई थी।
आईएनएस जलाश्व भी आज पहुंचेगा
इसके बाद 12 मार्च को आईएनएस जलाश्व अंतसिरान्ना के बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण दल को साथ लेकर पहुंचा था। यह दल दो सप्ताह के लिए मेडागास्कर में मालागासे स्पेशल फोर्स के साथ प्रशिक्षण करने और क्षमता बढ़ाने के लिए रही थी।
सोमवार यानी 22 मार्च को आईएनएस जलाश्व भी एक बार फिर मेडागास्कर पहुंच रहा है। हालांकि इस बार जलाश्व दक्षिणी मेडागास्कर के इहोला बंदरगाह पर लंगर डालेगा और वहां फैले सूखे से बचाव के लिए 1000 मीट्रिक टन चावल और एक लाख एचसीक्यू गोलियों की खेप उतारेगा।