कोरोना वैक्सीन के लिए सरकार ने 44 करोड़ खुराक के लिए ऑर्डर जारी किए हैं। इनमें 25 करोड़ कोविशील्ड और 19 करोड़ कोवाक्सिन की खुराक हैं जिनकी आपूर्ति आगामी अगस्त माह से शुरू होगी। इसके लिए सरकार ने 30 फीसदी भुगतान पहले करने की सहमति जताई है। इसके अलावा सरकार ने हाल ही में बायोलॉजिकल ई कंपनी को भी 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करते हुए 30 करोड़ खुराक का ऑर्डर जारी किया था।
नीति आयोग के सदस्य और टीकाकरण को लेकर गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ. वीके पॉल ने बताया कि जनवरी से जुलाई तक के लिए सरकार ने 53.60 करोड़ खुराक का ऑर्डर किया था जिनमें से करीब 25 करोड़ से अधिक खुराक अब तक प्राप्त हो चुकी हैं। बाकी खुराक भी उत्पादन के साथ आगामी दिनों में मिलती रहेंगी। हालांकि टीकाकरण को बढ़ाने के लिए सरकार ने करीब दो महीने पहले ही कंपनियों को एडवांस ऑर्डर दे दिया है। इसके तहत 74 करोड़ खुराक अगस्त माह से मिलना शुरू हो जाएंगीं। इस दौरान जैसे जैसे नई कंपनियां या फिर वैक्सीन सामने आएंगी उनके लिए भी इसी प्रकार ऑर्डर जारी किए जाएंगे।
डॉ. पॉल ने कहा कि अगस्त और सिंतबर के बीच देश में वैक्सीन की काफी खुराक उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि इससे पहले तक डॉ. पॉल और अन्य अधिकारी जुलाई माह से देश को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिलने की जानकारी दे रहे थे।
डॉ. पॉल का कहना है कि वैक्सीन उत्पादन की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। जैसे किसी महीने कंपनी छह तो अगले महीने सात या आठ करोड़ वैक्सीन दे रही है ठीक वैसे ही उसे आपूर्ति में लाया जा रहा है। ऐसे में यह कहना है कि एक निश्चित तिथि तक इतनी तय खुराक मिल पाएंगी। यह थोड़ा मुश्किल होगा।
डीएनए वैक्सीन का रास्ता साफ, जल्द आएगी सूचना
डॉ. वीके पॉल ने कहा कि डीएनए वैक्सीन को लेकर भी काफी प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में कंपनी की ओर से आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मांगी जा सकती है। यह डीएनए वैक्सीन जायडस कैडिला कंपनी ने तैयार की है जिसका तीसरा परीक्षण लगभग पूरा हो चुका है। अभी परीक्षण परिणामों की समीक्षा चल रही है। कंपनी ने अभी तक आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन नहीं दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के साथ सरकार का भी फैसला
डॉ. पॉल ने कहा कि बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट से निर्देश प्राप्त हुए थे लेकिन सरकार भी लगातार टीकाकरण कार्यक्त्रस्म को लेकर प्रतिक्रया, अनुभव पर विचार कर रही है। 15 और 21 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक की थी और उस दौरान सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया कि राज्यों को फिर से केंद्र सरकार निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराएगी।