टीका लगवाता एक व्यक्ति (फाइल फोटो)
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देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम का आज 29वां दिन है। 16 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। अब टीके के दूसरे डोज को प्रशासित किया जाएगा। दोनों डोज के साथ टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और 14 दिनों के बाद कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो जाएंगी। शुक्रवार तक, भारत में 58,65,813 स्वास्थ्यकर्मियों और 19,00,506 फ्रंटलाइन कर्मियों का टीका लगाया जा चुका है।
भारत के टीकाकरण अभियान के बारे में यहां जानें सबकुछ:
- भारत का टीकाकरण अभियान न केवल सबसे बड़ा है, बल्कि यह दुनिया में सबसे तेज भी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत के टीकाकरण अभियान की तारीफ की है।
- मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 20 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मचारियों के टीकाकरण के पहला चरण खत्म करने के लिए कहा गया है। अगले चरण की शुरुआत 25 फरवरी से होगी।
- टीकाकरण के बाद कुल 24 मौतें हुई हैं लेकिन किसी भी मौत के लिए टीकाकरण को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
- स्वास्थ्य और फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए टीकाकरण जारी है। भारत जल्द ही 50 साल से ऊपर के और कम उम्र के लोगों का टीकाकरण शुरू करेगा।
- मंत्रालय ने एक फर्जी वेबसाइट को अवरुद्ध कर दिया जिसमें 4,000-6,000 रुपये में टीके देने की बात कही जा रही थी।
- बिहार, त्रिपुरा, मध्यप्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, मिजोरम, राजस्थान और सिक्किम ने अपने पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों के 70 प्रतिशत से अधिक का टीकाकरण किया है।
- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में सबसे ज्यादा टीकाकरण किया गया है।