उत्तराखंड राज्य को बने हुए अभी 20 बरस ही हुए हैं, लेकिन इस राज्य में मुख्यमंत्रियों के पांच बरस का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन को बदलने की एक परंपरा सी बनी हुई है। कांग्रेस के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को अगर छोड़ दिया जाए, तो भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में यह परंपरा सबसे ज्यादा दिखी। हालिया उठापटक वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के घटनाक्रम से जोड़कर भी देखी जा रही है।
पहली विधानसभा के बाद में उत्तराखंड में जब दूसरी विधानसभा 2007 में बनी तो 07 मार्च 2007 को उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की ओर से भुवन चंद्र खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। खंडूरी का कार्यकाल महज दो साल चार महीने के करीब ही चला। भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने खंडूरी की जगह पर रमेश पोखरियाल को मुख्यमंत्री बनाया।
पोखरियाल उत्तराखंड में अपना कार्यकाल महज सवा दो साल ही पूरा कर पाए थे कि उनकी जगह पर वापस भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बना दिया गया। खंडूरी का यह कार्यकाल महज छह महीने का ही रहा। यानी चुनाव से छह माह पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने नेतृत्व में बदलाव कर दिया।