योगी आदित्यनाथ के नए मंत्रिमंडल में 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियों की रणनीति साफ दिखाई पड़ेगी। मंत्रिमंडल में ब्राह्मण सहित समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। भाजपा को भारी मतदान करने वाली महिलाओं को भी मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जायेगा, जिससे आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इन वर्गों को सकारात्मक संदेश दिया जा सके। चर्चा है कि मंत्रिमंडल में ओबीसी और दलित वर्ग के उपमुख्यमंत्री बनाकर इन वर्गों की सरकार में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, तो अगले वर्ष की शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष पर किसी ब्राह्मण चेहरे को अवसर देकर अगले लोकसभा चुनाव के समीकरणों को भी साधने की कोशिश रहेगी।
सोमवार शाम उत्तर प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप की लखनऊ में बैठक होनी तय है। माना जा रहा है कि इस बैठक में अगली सरकार के स्वरूप और नई सरकार की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।
सरकार में सभी वर्गों की भागीदारी
उत्तर प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी का मानना है कि इस बार सरकार बनाने के लिए उसे समाज के सभी वर्गों से वोट मिले हैं। विशेषकर महिलाओं और दलित वर्ग के वोटरों ने सरकार को लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लिहाज इन वर्गों से मजबूत और लोकप्रिय चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इन समीकरणों पर आगरा से जीतीं बेबी रानी मौर्य की किस्मत खुल सकती है।
दरअसल, बेबी रानी मौर्य को उत्तराखंड से लाकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ाया गया था। माना जा रहा है कि मायावती की कमजोर होती राजनीति के बीच दलित समुदाय में पैठ बनाने के लिए बेबी रानी को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्हें उपमुख्यमंत्री के रूप में सरकार और पार्टी में आगे बढ़ाए जाने की चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की बात करते रहे हैं। इस आदर्श को ध्यान में रखते हुए सरकार में सभी वर्गों को भागीदारी दी जायेगी।
लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ब्राह्मणों को भी पर्याप्त भागीदारी देकर उन्हें अपने साथ जोड़कर रखना चाहती है। इस दृष्टि से ब्राह्मणों को सरकार में विशेष भूमिका दी जानी तय है। पिछली सरकार में दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाकर पार्टी ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की थी। चर्चा है कि अगले वर्ष की शुरुआत में जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव होना तय है। उस समय किसी ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उभारा जा सकता है।
सहयोगी दलों के कोटे पर विचार
सहयोगी दल निषाद पार्टी और अपना दल (एस) के नेताओं ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत जारी है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद सहित कई अन्य नेताओं के साथ बैठक की है। माना जा रहा है कि इसमें मंत्रिमंडल में सहयोगी दल के सदस्यों की संख्या और उनके विभागों पर चर्चा हुई है। सरकार में सहयोगी दल के मंत्रियों के चेहरों पर भी भाजपा नेतृत्व की ओर से 'एनओसी' लेनी होगी।