मुलायम सिंह यादव की पहल के बाद कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय, तो हो गया पर दोनों दलों के विलय को लेकर सपा के बड़े नेताओं में
हुए संग्राम से कार्यकर्ताओं में खुदी खाई अब तक पट नहीं पाई है। लोगों को उम्मीद है कि 23 नवंबर को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के जनपद आगमन पर सभी
नेता और कार्यकर्ता एकजुट होंगे और कौएद तथा सपा के बीच यह खाई पाटी जा सकेगी।
जिले के स्तर पर स्थिति यह है कि कौएद धड़े के कार्यक्रमों में सपा के नेताओं की उपस्थिति नाममात्र की होती है। हाल ही में मुहम्मदाबाद तहसील में कौएद गुट की
तरफ से बुलाई गई बैठक में गिनती के सपा नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस स्थिति से दल के कद्दावर नेता भी अवगत है और लगातार निचले स्तर पर एका के प्रयास कर रहे हैं पर अभी तक उन्हें पूरी सफलता मिलती नहीं दिख रही हैं।