उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में एक बार फिर से मासूमों पर मौत तांडव कर रही है। ताजा मामला बहराइच जिले का है। जहां के जिला अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां 70 से ज्यादा मासूमों की जान जा चुकी है। बहराइच जिला अस्पताल में 45 दिनों के अंदर 71 बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं।
इस मामले पर चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, 'विभिन्न
बीमारियों की वजह से बच्चों की मौतें हुई हैं। हमारे पास 200 बेड हैं लेकिन अभी 450 मरीज भर्ती हैं। हम कईयों की जिंदगी बचाने के लिए जितना हो सकता है अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।' वहीं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले 6 हफ्तों से अज्ञात बुखार के कारण 79 मौतें हो चुकी हैं। राज्य सरकार मे इस सिलसिले में जिला स्तरीय मेडिकल टीमों को सक्रिय निगरानी के आदेश दिए हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि पिछले डेढ़ महीने के दौरान केवल अज्ञात बुखार की वजह से 79 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए पूरी एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। प्रवक्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा मौतें बरेली में हुई हैं। वहीं बदायूं में 23, हरदोई में 12, सीतापुर में 8, बहराइच में 6, पीलीभीत में 4 और शाहजहांपुर में 2 लोगों की मौत हुई है। जिला स्तरीय टीमों तो हाई अलर्ट कर दिया गया है। सभी मामलों में मौत का ऑडिट किया जा रहा है।
दूसरी तरफ बुखार से हो रही मरीजों की मौत पर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां फेल हो रही हैं। बरेली-बदायूं में मलेरिया बेकाबू हैं। बरेली में 1886 मरीज सामने आए हैं तो बदायूं में 372, वहीं हरदोई में 132 मरीज मिले हें। स्वास्थ्य विभाग ने बरेली, हरदोई, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर, बदायूं और बहराइच जिलों में संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने केलिए 332 टीमों को लगाया है। जबकि हरदोई और सीतापुर के लिए भी राज्य स्तरीय टीमें भेजी जा रही हैं। इसके बावजूद मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
संयुक्त निदेशक संचारी रोग डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने दावा किया है कि बीते 24 घंटे में बरेली, हरदोई, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर में कोई मौत नहीं हुई है। बहराइच और सीतापुर में ही दो मौत की रिपोर्ट मिली है। इसकेअलावा बदायूं में 372, सीतापुर में 28, बरेली में 1886, शाहजहांपुर में 08, पीलीभीत में 10, हरदोई में 132 मलेरिया रोगी मिले हैं। उन्होंने बताया कि बदायूं में 46 टीमें, बरेली में 110, सीतापुर में 15, शाहजहांपुर में 14, पीलीभीत में 19, हरदोई में 22, बहराइच में 03 टीमें संक्रामक रोग नियंत्रण में लगी हैं। संक्रामक रोगों पर काबू के लिए डेथ ऑडिट भी कराया जा रहा है।