अमेरिकी टैरिफ को लेकर दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति और एनएसए माइकल वाल्ट्ज भारत दौरे पर आ रहे हैं। हालांकि वे दोनों एलग-एलग दौरे पर रहेंगे। वहीं कहा जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा समेत अन्य रणनीतिक व सामरिक संबंधों पर चर्चा कर सकते हैं।
व्यापार समझौते की बातचीत के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज के 21 अप्रैल को भारत के दौरे पर आने की उम्मीद है। भारत सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात बताया कि वेंस और वाल्ज अलग-अलग दौरे पर आएंगे।
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सूत्रों ने बताया कि वाल्ट्ज की यात्रा पूरी तरह से व्यावसायिक यात्रा होगी। वह अपने भारतीय वार्ताकारों के साथ हिंद-प्रशांत में सुरक्षा सहित कई प्रमुख मुद्दों पर व्यापक बातचीत करेंगे। 22 अप्रैल से सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर जाने से पहले वेंस और वाल्ट्ज दोनों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की उम्मीद है। कयास लगाया जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा समेत अन्य रणनीतिक व सामरिक संबंधों पर चर्चा कर सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी एनएसए उच्च प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों और निर्यात नियंत्रण के क्षेत्रों में सहयोग के लिए पहल का अनावरण करने के लिए भारत का दौरा कर रहे हैं। वाल्ट्ज को भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों के समर्थक के रूप में जाना जाता है। वहीं, वेंस के 21 अप्रैल से भारतीय-अमेरिकी द्वितीय महिला उषा वेंस और उनके बच्चों के साथ भारत आने की भी संभावना है, लेकिन उनकी यात्रा की अवधि वाल्ट्ज की यात्रा से अधिक लंबी होने वाली है।
उपराष्ट्रपति वेंस का भारत से करीबी संबंध है। उनकी पत्नी ऊषा वेंस भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। ऊषा वेंस के माता-पिता आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे जो बाद में अमेरिका चले गए थे। ऊषा वेंस का जन्म अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुआ है और वो पेशे से वकील हैं। वह अमेरिका के इतिहास में पहली हिंदू अमेरिकन सेकेंड लेडी हैं।