अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ वाले विधेयक पर आज की रिपोर्ट में जानें कि विपक्ष ने सरकार की विदेश और आर्थिक नीति पर क्या सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और पवन खेड़ा ने क्या कहा और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर क्या आरोप लगाए।
भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ का प्रावधान करने वाले अमेरिकी विधेयक पर विपक्षी दलों ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश और आर्थिक नीतिक की नाकामी करार दिया। इसके अलावा, विपक्षी पार्टी के नेता पवन खेड़ा और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार पर निशाना साधा।
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प्रमोद तिवारी ने क्या कहा?
सबसे पहले जानते हैं कि कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने क्या कहा। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, मैं इसे मोदी सरकार की विदेश और आर्थिक नीति की नाकामी मानता हूं। हम कई वर्षों से रूस से सस्ते दाम पर ईंधन खरीद रहे हैं। भारत कितना और किससे ईंधन खरीदे, यह फैसला भारत को करना चाहिए, अमेरिका को नहीं। अमेरिका हम पर दबाव नहीं बना सका।
शर्तें थोपता है अमेरिका: पवन खेड़ा
अमेरिकी सीनेट में रूस पर प्रतिबंध वाले विधेयक को मंजूरी मिलने पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, क्या आपको लगता है कि भारत सच में स्वतंत्र है? जो भी आता है, भारत को धमकाता है। जो भी आता है, अपनी शर्तें थोपता है। वह कहता है कि आप यहां से तेल खरीद सकते हैं, इतना तेल खरीद सकते हैं और वहां से तेल नहीं खरीद सकते।
खेड़ा ने आगे कहा, जो लोग पूरे देश में खुद को 'विश्वगुरु' बताते घूमते हैं। लेकिन संसद में जाने तक की हिम्मत नहीं रखते। उनसे जवाब मांगिए। उनमें संसद में जाने की हिम्मत इसलिए नहीं है, क्योंकि वहां ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे। उन्हें हर बात के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश के हर छोटे-बड़े फैसले में ट्रंप का दखल है और प्रधानमंत्री मोदी उनकी हर बात को मानते हैं, चाहे वह सही हो या गलता। ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ निर्णय लेते हैं।