अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई महीने में अहम मुलाकात हो सकती है। दरअसल दोनों ही देशों के राजनयिक पीएम मोदी की जुलाई में जर्मनी में होने वाले महत्वपूर्ण जी-20 समिट से पहले अमेरिका दौरे की जोरशोर से संभावनाएं तलाश रहे हैं। माना जा रहा है कि खुद राष्ट्रपति ट्रंप इस महत्वपूर्ण समिट से पहले दक्षिण चीन सागर विवाद सहित कई अन्य अंतरराष्ट्रीय विवादों पर भारत के साथ साझा दृष्टिïकोण तैयार करना चाहते हैं।
अगर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात हुई तो इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत खासतौर पर अमेरिका की नई वीजा नीति से परेशान है। इस क्रम में दो दिन पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने अमेरिकी समकक्ष से बातचीत भी की थी। इसके अलावा दक्षिण चीन सागर सीमा विवाद पर अमेरिका और चीन आमने सामने हैं।
जबकि सत्ता परिवर्तन के बाद सत्ताधारी रिपब्लिकन और विपक्षी डेमोक्रेट के भारत के संदर्भ में कई क्षेत्र में अलग-अलग नीति भी बातचीत का मुख्य मुद्दा होगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भले ही नई वीजा नीति के जरिए अमेरिका ने भारत को झटका दिया है, मगर नई सरकार को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत के समर्थन का महत्व पता है।