रिपोर्ट में कहा गया है कि यद्यपि भारत और पाकिस्तान के बीच एक सामान्य युद्ध की आशंका बेहद कम है, दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहले के मुकाबले अब भारत पाकिस्तान की हरकतों पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। इससे परमाणु शक्ति से लैस दोनों पड़ोसियों के बीच विवाद का खतरा बढ़ सकता है। कश्मीर में हिंसक अशांति या भारत में आतंकी हमला इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।
कई देशों में बनेंगे गृह युद्ध और विद्रोह के हालात
इसके अनुसार, आंतरिक और अंतरराज्यीय विवाद व अस्थिरता के चलते अमेरिकी अधिकारियों और अमेरिका के हितों पर अगले साल भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष खतरे बने रहेंगे। सत्ता और संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा, जातीय संघर्ष और विचारधारा के चलते कई देशों में गृह युद्ध और विद्रोह के हालात बनेंगे।अंतरराज्यीय टकराव भी होंगे। जिस तरह भारत और चीन के बीच विवाद हुआ वैसे ही सीमा विवाद को लेकर इनके अधिक गंभीर हिंसक टकराव होने की आशंका है।
भारत और चीन के बीच जारी रहेगा सीमा तनाव
रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि भारत और चीन के बीच सीमा तनाव कुछ हद तक हुई सैन्य वापसी के बाद भी जारी रहेगा। रिपोर्ट में संबंधित सीमावर्ती इलाकों पर चीन के कब्जे को कई दशकों में सबसे अधिक गंभीर मुद्दा बताया गया है। कहा गया है कि इसके चलते दोनों देशों के बीच साल 1975 के बाद से पहली बार सीमा पर हिंसक टकराव हुआ।
इस खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2020 के बाद से चीन के कब्जे वाले सीमावर्ती इलाकों में कब्ज़ा सबसे गंभीर दशकों से जारी है और 1975 के बाद से पहली बार दो देशों की सीमा पर टकराव हुआ। मध्य फरवरी तक कई दौर की वार्तओं के बाद दोनों पक्ष विवादित सीमा के पास कुछ इलाकों से अपनी सेनाएं और उपकरण वापस बुला रहे हैं।