अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने रविवार को कहा कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का एक ही उद्देश्य है - शक्ति के बल पर शांति बनाए रखना। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संयम दिखाने के लिए भारतीय सेना की प्रशंसा भी की।
अमेरिका के इंडो-पैसिफिक कमांड के प्रमुख एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने कहा है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जबरदस्ती और आक्रामक गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे चिंता पैदा हो रही है। उनका इशारा चीन की बढ़ती सैन्य ताकत और गतिविधियों की ओर माना जा रहा है। वे इन दिनों भारत दौरे पर हैं और रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बातें कहीं।
भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी पर क्या बोले
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका का लक्ष्य एक ही है- ताकत के जरिए शांति बनाए रखना। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं और आगे और बढ़ेंगे। खास तौर पर समुद्री सुरक्षा और नौसेना सहयोग पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।
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इंडो-पैसिफिक क्षेत्र क्यों अहम
पपारो ने बताया इस क्षेत्र में दुनिया की 60% आबादी रहती है। यहां से दुनिया की 60% जीडीपी आती है। दुनिया की 10 सबसे बड़ी सेनाओं में से सात इसी क्षेत्र में हैं। इसी वजह से यहां स्थिरता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
ऑपरेशन सिंदूर पर भारत की तारीफ
अमेरिकी कमांडर ने कहा, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहुत संयम दिखाया, जिसकी दुनिया ने सराहना की। हर सैन्य अभियान से सीख मिलती है और भारतीय सेना सीखने के लिए प्रतिबद्ध दिखी।
चीन और पाकिस्तान पर संकेत
एडमिरल सैमुअल जे. पपारो ने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि लगातार सतर्क रहना और मजबूत रक्षा तैयार रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी के आधुनिक हथियारों के साथ युद्ध और जटिल होता जा रहा है। अमेरिकी कमांडर का साफ संकेत है कि इंडो-पैसिफिक में तनाव बढ़ रहा है, भारत-अमेरिका मिलकर संतुलन बनाए रखना चाहते हैं। मजबूत सैन्य साझेदारी ही शांति की गारंटी मानी जा रही है।