दिल्ली के शाहीन बाग में देश तोड़ने की बात करने वाले शरजील इमाम के समर्थन में नारेबाजी करने वाली उर्वशी चूड़ावाला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। देशद्रोह के आरोप में एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार उर्वशी ने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
बुधवार को उर्वशी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत राज्यवैद्य ने उसे राहत देने से इनकार कर दिया। उर्वशी के वकील ने कहा कि वह सिर्फ 22 साल की है।
अंतिम वर्ष की छात्रा है और दो सेकेंड के वीडियो के चलते उसका करियर खत्म हो जाएगा। अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि उर्वशी एक ऐसे शख्स का समर्थन कर रही थीं जो आधिकारिक रूप से देश का दुश्मन है। उसने जांच में सहयोग नहीं किया और सबूत मिटाने की कोशिश की। जमानत अर्जी खारिज होने के बाद पुलिस ने उर्वशी की तलाश तेज कर दी है।