अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए मंगलवार को गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में राम लला के सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता रहे 92 वर्षीय के. परासरण को संस्थापक सदस्य बनाया गया है। उनके निवास आर-20, ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 के पते पर ही इस ट्रस्ट को पंजीकृत किया गया है।
ट्रस्ट की जिम्मेदारी राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास को दिए जाने की चर्चा है। इसके ट्रस्ट के स्थाई सदस्य के रूप में राम मंदिर के शिलान्यास के दौरान नींव में पहली ईंट रखने वाले दलित नेता कामेश्वर चौपाल का नाम तय किया गया है। ट्रस्ट में एक शंकराचार्य और 5 धर्मगुरुओं को शामिल किए जाने की चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, अयोध्या राज परिवार के वंशज और रामायण मेला के संरक्षक विमलेंद्र मोहन मिश्र, होम्येपैथी मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार डा. अनिल मिश्र, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य वासुदेवा नंद सरस्वती, कर्नाटक के उडुपी के पेजावर मठ के पीठाधेश्वर स्वमी विश्व प्रसन्नतीर्थ महाराज, हरिद्वार के अखंड आश्रम के प्रमुख परमानंदजी महाराज, भगवत गीता और रामायण का प्रवचन करने वाले महाराष्ट्र के स्वामी गोविंद गिरी महाराज को ट्रस्ट में जगह दी गई है।
इस क्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आईएएस अधिकारी और अयोध्या के डीएम को इस ट्रस्ट का पदेन सदस्य बनाए जाने की चर्चा है। चर्चा है कि इसके अलावा बोर्ड ऑफ ट्रस्टी, दो लोगों को इस ट्रस्ट में नामित करेंगे। इनमें रामजन्मभूमि न्यास से जुड़े वासुदेवा नंद और युगगुरू परमहंस को जगह दी जा सकती है। ट्रस्ट में अयोध्या के डीएम के अलावा यूपी सरकार के किसी एक आईएएस अधिकारी को जगह दी जा सकती है।