फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उड़ी हमलाः दो पोस्ट के बीच रही तालमेल की कमी

Fri, 23 Sep 2016 03:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : PTI
विज्ञापन
उड़ी में सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले की जांच में जुटी एनआई टीम ने इस बात की संभावना जताई है कि हमले से पूर्व बेस कैंप की दो गार्ड पोस्ट के बीच तालमेल की कमी थी जिसकी वजह से आतंकियों को हमले का मौका मिल गया। 
विज्ञापन


बता दें कि हमले के बाद से ही बेस कैंप की सुरक्षा में चूक का मामला उठाया जा रहा है। इस बात को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा में चूक की वजह से ही आतंकियों को बेस कैंप में दाखिल होने का मौका मिल पाया। रक्षामंत्री मनोहर पारिकर भी इस बात को मान रहे हैं। 

पीटीआई की खबर के अनुसार मामले की जांच कर रही एनआईए की टीम ने संभावना जताई है, बेस कैंप पर हमला करने वाले चारों आतंकी पाक अधिकृत कश्मीर के हाजी पीर दर्रा को 16/17 सितंबर की रात को पार करते हुए बाड़ को काटकर भारतीय सीमा में दाखिल हुए। इसके बाद उन्होंने कैंप के नजदीकी सुखदर गांव में ही रात बिताई जहां से उड़ी बिग्रेड हेडक्वार्टर में सैनिकों की आवाजाही और अंदर का नजारा साफ देखा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनआईए की जांच में सुरक्षा पर उठाए गए कई सवाल

- फोटो : Getty Images
एनआईए की जांच में यह बात भी सामने आई की बॉर्डर पर बाड़ के नजदीक जंगली घास इतनी लंबी हो चुकी है कि उसमें किसी के छिपे होने का अंदाजा लगाना मुश्किल है। 

ऐसे में घास न काटे जाने की वजह से आतंकियों को बाड़ काटने में कोई खास दिक्‍कत नहीं हुई और उनकी हरकत पर किसी की निगाह भी नहीं पड़ी। जबकि स्टैंडर्ड सिक्योरिटी प्रक्रियाओं के तहत घास की नियमित रूप से कटाई छटाई जरूरी है। 

इसके अलावा एनआई ने यह भी अंदेशा जताया है की बेस कैंप की सुरक्षा में दो पोस्ट गार्ड के बीच तालमेल की भी कमी रही। दोनों पोस्‍ट के बीच 150 मीटर का फासला था‌ जिसमें आतंकियों की गतिविधियों को ट्रेस करने में तालमेल की कमी रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें