उड़ी में सेना के कैंप पर हमले की जांच कर रही एनआईए को यकीन है कि इस हमले में तीन लोगों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। इसमें जो लोग शामिल हैं उनमें जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, काशिफ जान और राउफ अजगर का नाम सामने आ रहा है।
एनआईए को सूत्रों से पता चला है कि काशिफ जिसने पठानकोट के गुनाहगारों को सीमा तक पहुंचाया था उसी ने उड़ी में हुए हमले में शामिल आतंकियों के हैंडलर की भूमिका निभाई है। एनआईए को यकीन है कि उड़ी हमले के बाद उनका हैंडलर काशिफ कहीं छुप गया है।
अब जब ये साफ हो गया है कि तीनों पाकिस्तानी जैश के आतंकी हैं तो भारत उन तीनों को गिरफ्तार कर भारत को सौंपने के लिए पाकिस्तान से कहेगा। साथ ही भारत इस बार पाक को बहाने बनाकर बचने देने के मूड में नहीं है। वह ये भी पुख्ता करेगा की इस मामले में उसपर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बने।
सेना ने हमले की जांच कर रही एनआईए टीम को सारे सबूत सौंप दिए हैं। इसके अलावा एनआईए टीम ने भी घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं। सूत्रों के अनुसार एनआईए इस घटना में मारे गए आतंकियों के डीएनए लेकर आईबी और रॉ जैसी एजेंसियों की मदद से इनकी पहचान साबित करेगी। ताकि पाकिस्तान को बचने का कोई भी मौका न मिले।