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भारत को मिले सबूत, उड़ी हमले के पीछे जैश प्रमुख मसूद अजहर

Wed, 21 Sep 2016 04:51 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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Masood Azhar - फोटो : PTI
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उड़ी में सेना के कैंप पर हमले की जांच कर रही एनआईए को यकीन है कि इस हमले में तीन लोगों ने प्रमुख भूमिका निभाई है। इसमें जो लोग शामिल हैं उनमें जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर, काशिफ जान और राउफ अजगर का नाम सामने आ रहा है।
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एनआईए को सूत्रों से पता चला है कि काशिफ जिसने पठानकोट के गुनाहगारों को सीमा तक पहुंचाया था उसी ने उड़ी में हुए हमले में शामिल आतंकियों के हैंडलर की भूमिका निभाई है। एनआईए को यकीन है कि उड़ी हमले के बाद उनका हैंडलर काशिफ कहीं छुप गया है।

अब जब ये साफ हो गया है कि तीनों पाकिस्तानी जैश के आतंकी हैं तो भारत उन तीनों को गिरफ्तार कर भारत को सौंपने के लिए पाकिस्तान से कहेगा। साथ ही भारत इस बार पाक को बहाने बनाकर बचने देने के मूड में नहीं है। वह ये भी पुख्ता करेगा की इस मामले में उसपर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बने।
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सेना ने हमले की जांच कर रही एनआईए टीम को सारे सबूत सौंप दिए हैं। इसके अलावा एनआईए टीम ने भी घटनास्‍थल से सबूत इकट्ठा किए हैं। सूत्रों के अनुसार एनआईए इस घटना में मारे गए आतंकियों के डीएनए लेकर आईबी और रॉ जैसी एजेंसियों की मदद से इनकी पहचान साबित करेगी। ताकि पाकिस्तान को बचने का कोई भी मौका न मिले।
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सीमा पार करने की फिराक में 300 आतंकी

आतंकवादी
नियंत्रण रेखा के उस पार पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। लांचिंग पैड पर नए आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार हैं। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के करीब तीन सौ फिदायीन तैयार हैं।

ये जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के प्रमुख स्थानों पर भी हमला करने की फिराक में है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने कुछ दिन पहले पीओके के मुजफ्फराबाद में फिदायीनों की परेड भी कराई थी। 

मसूद अजहर के जम्मू-कश्मीर में कई पूर्व आतंकियों के साथ बेहतर संबंध हैं। कश्मीर में आतंकी हमलों के बाद जम्मू को भी टारगेट पर रखा गया है। कहा जा रहा है तीन सौ फिदायीन में से करीब पचास एलओसी से कश्मीर घाटी में घुस चुके हैं।

फिदायीन हमले की सूचना को लेकर सीमा पर भी सुरक्षा बलों को अलर्ट किया गया है। सूत्रों के अनुसार हमले पुलिस और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए जा सकते हैं। फिदायीन काफी प्रशिक्षित हैं।

लश्कर सरगना हाफिज सईद की गतिविधियों पर शिकंजा कसने के कारण जैश सक्रिय हो गया है। इसमें पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान सेना के कुछ जवान भी शामिल हैं। सेना के कैडर की तरह रैंक दिया गया है और उनके मारे जाने पर लाखों रुपये भी दिए जा रहे हैं।

इस सूचना के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा व एलओसी पर सुरक्षा को बढ़ाया गया है। इनकी घुसपैठ कराने के लिए सीज फायर उल्लंघन की भी सूचनाएं हैं। घुसपैठ के लिए कवर फायर दिया जाएगा। अगले कुछ दिनों में आतंकी गतिविधियां और बढ़ेंगी।
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